मुहर्रम पर कानून-व्यवस्था एवं सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने के निर्देश

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संवाददाता।पटना।आगामी मुहर्रम पर्व (संभावित तिथि 26 जून 2026) के शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण आयोजन को लेकर एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

सोमवार को हुई इस बैठक में राज्य के सभी जिलों के जिलाधिकारियों (DM), वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों (SSP) तथा पुलिस अधीक्षकों (SP) को सांप्रदायिक सौहार्द, निरोधात्मक सुरक्षा एवं प्रशासनिक दिशा-निर्देश जारी किए गए।

बैठक की अध्यक्षता करते हुए बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत एवं पुलिस महानिदेशक (DGP) ने राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति को हर हाल में अक्षुण्ण रखने का संकल्प दोहराया। विगत वर्षों की आसूचनाओं को ध्यान में रखते हुए अधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।

मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत के प्रमुख निर्देश:

* शत-प्रतिशत जुलूस लाइसेंसिंग: मुख्य सचिव ने कड़े निर्देश दिए हैं कि राज्य के सभी जिलों में कोई भी मुहर्रम जुलूस बिना पूर्व लाइसेंस के नहीं निकाला जाएगा।
* शांति समितियों का सुदृढ़ीकरण: सभी संवेदनशील थानों और अनुमंडलों में शांति समितियों (Peace Committees) की बैठकें तुरंत बुलाकर सामुदायिक समन्वय स्थापित किया जाए। असामाजिक तत्वों की पहचान में स्थानीय समिति के सक्रिय सदस्यों का सहयोग लिया जाए।
* भड़काऊ गानों और डीजे (DJ) पर पूर्ण रोक: जुलूस के लाइसेंस की मुख्य शर्त के तहत डीजे का प्रयोग, सांप्रदायिक नारेबाजी और उत्तेजक/भड़काऊ गानों पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा।
* ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण: लाउडस्पीकर के उपयोग को विनियमित करने हेतु पूर्व में जारी विभागीय परिपत्रों का अक्षरसः कड़ाई से पालन कराया जाए। निर्धारित डेसिबल सीमा का उल्लंघन करने पर दंडात्मक कार्रवाई होगी तथा रात्रि के प्रतिबंधित समय में लाउडस्पीकर बजाने की अनुमति नहीं होगी।
पुलिस महानिदेशक (DGP) के सुरक्षा एवं विधिक निर्देश:
* संवेदनशील क्षेत्रों की सघन गश्ती: थानावार पूर्व में चिन्हित सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील हॉटस्पॉट्स में विशेष और सघन पुलिस गश्ती सुनिश्चित की जाए। जुलूस के गैर-पारंपरिक या विवादास्पद मार्गों पर कड़ी नजर रखी जाए।
* सोशल मीडिया पर 24/7 साइबर निगरानी: सोशल मीडिया पर विभिन्न धर्मों, जातियों या समुदायों के बीच घृणा, वैमनस्य या भड़काऊ टिप्पणियां फैलाने वालों पर 24/7 पैनी नजर रखी जा रही है। ऐसी किसी भी पोस्ट पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सुसंगत धाराओं के तहत त्वरित एफआईआर (FIR) दर्ज की जाएगी।
.: शांति भंग करने का इरादा रखने वाले संदिग्ध उपद्रवियों को तुरंत हिरासत में लिया जाएगा। असामाजिक कृत्यों में संलिप्त पाए जाने पर गैर-जमानती धाराओं के तहत त्वरित गिरफ्तारी की जाएगी।
* प्रतिबंधित हथियारों और झांकियों पर रोक: जुलूस के दौरान सांप्रदायिक तनाव पैदा करने वाली किसी भी विवादास्पद या आपत्तिजनक झांकी/व्यंग्य चित्रों के प्रदर्शन पर रोक रहेगी। इसके अतिरिक्त, लाइसेंस के दायरे से बाहर किसी भी प्रकार के घातक, धारदार या गैर-कानूनी हथियारों के खुले प्रदर्शन पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। आयोजकों से अनुमंडल प्रशासन द्वारा पर्याप्त सुरक्षा बंधपत्र (Security Bond) भरवाया जाना अनिवार्य है।
* धार्मिक स्थलों का संरक्षण: किसी भी वर्ग के धार्मिक स्थलों को नुकसान पहुंचाने या अपवित्र करने की चेष्टा करने वाले अराजक तत्वों को तत्काल चिन्हित कर उनके विरुद्ध कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

बिहार सरकार राज्य के सभी नागरिकों से अपील करती है कि वे मुहर्रम पर्व को पारंपरिक, शांतिपूर्ण और आपसी भाईचारे के साथ मनाएं तथा किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें।

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