संवाददाता।रक्सौल/वीरगंज। नेपाल के वीरगंज स्थित भारत का महावाणिज्य दूतावास ने प्रतिष्ठित शंकराचार्य द्वार पर 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का आयोजन किया।
यह स्मारक भारत और नेपाल के बीच गहरे सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक संबंधों का प्रतीक है।मधेश प्रदेश के मुख्यमंत्री कृष्ण प्रसाद यादव इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
विशिष्ट अतिथियों में भूमि व्यवस्था, कृषि एवं सहकारिता मंत्री श्याम प्रसाद पटेल तथा मधेश प्रदेश के वन एवं पर्यावरण मंत्री शंकर प्रसाद चौधरी शामिल थे।कार्यक्रम में सखुवा प्रसौनी ग्रामीण नगरपालिका के मेयर जसवंत यादव, स्थानीय वाणिज्य मंडल के सदस्य, नेपाल भारत मैत्री संघ (निफा), पतंजलि योग समिति (पर्सा एवं बारा), प्रमुख जिला अधिकारी, पुलिस अधीक्षकों तथा अन्य स्थानीय सरकारी अधिकारियों के साथ सभी क्षेत्रों के नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम का विशेष आकर्षण योग विद्यार्थियों द्वारा उन्नत योग आसनों का प्रदर्शन रहा, जिसमें योग अभ्यास में निहित अनुशासन, और लचीलापन को प्रदर्शित किया गया। प्रदर्शन की गणमान्य व्यक्तियों और प्रतिभागियों सभी ने सराहना की।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महावाणिज्य दूत देवी सहाय मीना ने योग को भारत की ओर से विश्व को दिया गया उपहार बताते हुए इसकी सार्वभौमिक अपील को रेखांकित किया। उन्होंने शारीरिक स्वास्थ्य, मानसिक स्पष्टता और सामाजिक सद्भाव को बढ़ावा देने में योग की भूमिका पर बल दिया।
उन्होंने कहा कि योग सीमाओं से परे है और भारत एवं नेपाल के बीच मित्रता के सेतु बनाता है।अपने संबोधन में मुख्यमंत्री कृष्ण प्रसाद यादव ने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 के पूर्व निरंतर योग कार्यक्रम आयोजित करने के लिए भारत के महावाणिज्य दूतावास, वीरगंज की सराहना की।
उन्होंने बताया कि इन पहलों से समग्र कल्याण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ी है और दोनों राष्ट्रों के बीच गहरे सांस्कृतिक तथा जन-संपर्क और मजबूत हुए हैं।
















