संवाददाता।मधुबनी।भवन निर्माण मंत्री सह मधुबनी जिला प्रभारी मंत्री लेशी सिंह की अध्यक्षता में संभावित बाढ़ एवं सुखाड़ की पूर्व तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में जिला प्रशासन द्वारा अब तक की गई तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई।
मंगलवार को हुई समीक्षा बैठक में प्रभारी मंत्री ने कहा कि सरकार संभावित बाढ़ एवं सुखाड़ के प्रभाव को कम से कम करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होने कहा कि आपदा की स्थिति में पीड़ितो को समय पर राहत उपलब्ध कराने को लेकर सभी विभाग गंभीरता से कार्य करे।
उन्होने निर्देश दिया कि बाढ़ अथवा सुखाड़ की स्थिति में वैकल्पिक फसल योजना की तैयारी अविलंब पूरी की जाए। साथ ही नल-जल योजना के अंतर्गत छूटे एवं अपूर्ण वार्डो में कार्य अभियान मोड में पूरा करने का निर्देश दिया।
बैठक में अपर समाहर्ता आपदा संतोष कुमार ने पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से जिले में की गई तैयारियो की जानकारी दी।
बताया गया कि मधुबनी जिला पारंपरिक रूप से बाढ़ प्रभावित क्षेत्र रहा है तथा जिले से 18 नदियां एवं उनकी सहायक धाराएं गुजरती हैं। नदियों के जलस्तर की निगरानी प्रत्येक तीन घंटे पर की जा रही है। बिहार मौसम सेवा केंद्र के अनुसार जून से सितंबर 2026 तक सामान्य से कम वर्षा की संभावना है, जिसके मद्देनजर सभी विभागों को सतर्क रहने को कहा गया।
जल संसाधन विभाग को निर्देश दिया गया कि नहरों के अंतिम छोर तक पानी पहुंचाना सुनिश्चित करे, ताकि किसानों को रोपनी के समय सिंचाई में परेशानी न हो। ग्रामीण कार्य विभाग द्वारा 3069 पुल-पुलियों की सफाई पूरी कर ली गई है, जबकि शेष कार्य जारी है।
बैठक में बताया गया कि जिले में 9 में से 8 बाढ़ आश्रय स्थल एवं एसडीआरएफ भवन का निर्माण पूरा हो चुका है। संभावित बाढ़ को देखते हुए 242 राहत शिविरों की पहचान की गई है, जहां करीब 97 हजार लोगो के ठहरने की व्यवस्था होगी। सामुदायिक रसोई के लिए 231 स्थान चिह्नित किए गए है, जहां प्रतिदिन लगभग 92 हजार लोगों के भोजन की व्यवस्था की जा सकेगी।
जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने बताया कि 30 मई 2026 को जिले की सभी पंचायतों में विशेष ग्रामसभा आयोजित कर संपूर्ति पोर्टल पर छूटे हुए लाभुकों के नाम जोड़ने और सूची अपडेट करने का कार्य किया जाएगा, ताकि आपदा की स्थिति में राहत राशि का त्वरित भुगतान संभव हो सके।
आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार जिले में 93 सरकारी नाव उपलब्ध है, जिनमें 28 परिचालन योग्य है, जबकि 22 नावों की मरम्मत कराई जा रही है। 41 निजी नाव मालिको से भी एकरारनामा किया जा रहा है। जिले में 7 मोटरबोट एवं चार सेटेलाइट फोन उपलब्ध है।स्वास्थ्य विभाग द्वारा बाढ़ प्रभावित प्रखंडो में मेडिकल टीम गठित कर दी गई है। मधेपुर, फुलपरास, घोघरडीहा, बिस्फी, मधवापुर, बेनीपट्टी एवं लौकही में वोट एम्बुलेंस के लिए विशेष चिकित्सा दल तैयार किए गए है। जिले में 9699 चापाकलों में से 9555 चालू अवस्था में हैं, जबकि शेष की मरम्मत कराई जा रही है।
बैठक में सांसद रामप्रीत मंडल ने मधेपुर क्षेत्र में चापाकलों की मरम्मत तेज करने तथा तटबंधों के रेनकट की जांच कर शीघ्र मरम्मत कराने की मांग उठाई। वहीं विधान परिषद सदस्य घनश्याम ठाकुर ने हाल की आंधी-तूफान से प्रभावित परिवारों को शीघ्र राहत राशि उपलब्ध कराने की बात कही।
प्रभारी मंत्री लेशी सिंह ने जिला प्रशासन की तैयारियो पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि सभी विभाग समन्वय और तत्परता के साथ कार्य करे तो आपदा के प्रभाव को काफी हद तक कम किया जा सकता है।बैठक में जिला परिषद अध्यक्ष बिंदु गुलाब यादव, पुलिस अधीक्षक योगेंद्र कुमार, उप विकास आयुक्त सुमन प्रसाद साह, नगर आयुक्त उमेश भारती सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।
















