संवाददाता।पटना। विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह की अध्यक्षता में सोमवार को राज्य स्तरीय बैंकिंग समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
इस बैठक में बिहार में कार्यरत सरकारी, निजी समेत अन्य सभी तरह के बैंकों के प्रदर्शन की समीक्षा की गई। साथ ही इनके स्तर से ऋण वितरण तथा प्राथमिकता क्षेत्रों में वित्तीय प्रवाह के स्थिति की भी विस्तृत समीक्षा की गई। इसमें बैंकों के क्रेडिट-डिपॉजिट (सीडी) रेशियो, ऋण वितरण, जमा राशि तथा कृषि एवं एमएसएमई क्षेत्रों में ऋण प्रवाह की स्थिति पर विस्तार से चर्चा हुई।
प्रस्तुत आंकडों से यह बात सामने आई कि बिहार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में पहली बार 60.21 प्रतिशत का सीडी रेशियो हासिल किया है। विकास आयुक्त ने इसे राज्य सरकार, बैंकिंग संस्थानों एवं विभिन्न विभागों के सम्मलित प्रयासों का परिणाम बताया।
राज्य के सभी बैंकों में कुल जमा राशि बढ़कर 6 लाख 15 हजार 428 करोड़ रुपये हो गई है। इसके अनुपात में ऋण वितरण की स्थिति भी बढ़कर 3 लाख 70 हजार 563 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है, जो जमा राशि का 60.21 प्रतिशत है। पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में जमा राशि में 51 हजार 983 करोड़ रुपये तथा ऋण वितरण में 37 हजार 882 करोड़ रुपए की वृद्धि दर्ज की गई है।
बैठक में यह भी बताया गया कि वर्ष 2018-19 में बिहार का सीडी रेशियो 44.09 प्रतिशत था, जिसमें निरंतर बढ़ोतरी होते हुए यह 60.21 प्रतिशत तक पहुंच गया है। विकास आयुक्त ने कहा कि कृषि,
एमएसएमई, स्वरोजगार, महिला सशक्तिकरण, स्टार्टअप एवं ग्रामीण विकास से जुड़े क्षेत्रों में ऋण प्रवाह बढ़ने से राज्य की आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिली है।
विकास आयुक्त ने किसान क्रेडिट कार्ड के क्रियान्वयन पर विशेष जोर देते हुए कहा कि किसानों को समय पर ऋण सुविधा उपलब्ध कराना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने सभी बैंकों को निर्देश दिया कि केसीसी के वितरण एवं नवीनीकरण की प्रक्रिया को सरल एवं त्वरित बनाया जाए।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी द्वारा आम जनता की समस्याओं के समाधान करने के उद्देश्य से “सहयोग शिविर” का आयोजन 19 मई से प्रारंभ किया जाएगा। इसके बाद प्रत्येक 15 दिनों पर नियमित रूप से ऐसे शिविर आयोजित किए जाएंगे, जिनमें केसीसी से संबंधित मामलों जैसे, आवेदन, नवीनीकरण एवं अन्य बैंकिंग समस्याओं का समाधान भी किया जाएगा।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि किसान क्रेडिट कार्ड योजना को “जन समर्थ” पोर्टल के साथ एकीकृत किया जाएगा, ताकि किसानों को डिजिटल माध्यम से शीघ्र एवं पारदर्शी ऋण सुविधा उपलब्ध हो सके। बैठक में विभिन्न बैंकों के वरिष्ठ पदाधिकारी, राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति के प्रतिनिधि तथा संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
बैठक में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार वित्तीय वर्ष 2025-26 में सर्वाधिक सीडी रेशियो वाले प्रमुख बैंक निम्न हैं –
- स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक – 168.78%
- बंधन बैंक – 153.32%
- बैंक ऑफ महाराष्ट्र – 145.72%
- एचडीएफसी बैंक – 95.87%
- कोटक महिंद्रा बैंक – 95.57%
- आईसीआईसीआई बैंक – 82.37%
- एक्सिस बैंक – 77.16%
- बिहार ग्रामीण बैंक – 64.95%
- पंजाब एंड सिंध बैंक – 64.26%
- जम्मू एंड कश्मीर बैंक – 63.11%
















