SC/STअधिनियम की सतर्कता व मॉनिटरिंग समिति की बैठक,CM ने दिए कई निर्देश

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SC/ST Act

संवाददाता.पटना.मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित ‘संवाद’ में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम 1995 के तहत गठित राज्य स्तरीय सतर्कता और मॉनिटरिंग समिति की बैठक हुयी जिसमें मुख्यमंत्री ने कई आवश्यक निर्देश दिए।
बुधवार को हुई बैठक में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग के सचिव दिवेश सेहरा ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से विगत बैठक की कार्यवाही एवं अनुपालन की विस्तृत जानकारी दी। समीक्षा के दौरान अपर मुख्य सचिव, गृह विभाग, अपर मुख्य सचिव, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, अपर पुलिस महानिदेशक (कमजोर वर्ग), निदेशक अभियोजन, सचिव, विधि विभाग ने भी इस संबंध में किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। दोष सिद्धि निपटारे के लिये की गयी कार्रवाई, पीड़ित व्यक्तियों को दी जाने वाली राहत एवं पुनर्वास सुविधाओं तथा उनसे जुड़े अन्य मामले, जिलास्तर पर गठित निगरानी एवं अनुश्रवण समिति के कार्यकलापों, विशेष लोक अभियोजकों के कार्यों की समीक्षा, संबंधित पदाधिकारियों के लिए नियमित रूप से प्रशिक्षण एवं उन्मुखीकरण कार्यक्रम आयोजित करने के साथ-साथ अन्य कार्यवाही की भी विस्तृत जानकारी दी गयी।
समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि आज की बैठक में सभी लोगों ने अपनी बातें रखीं हैं, जिसका एक पक्ष अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के अंतर्गत की जा रही कार्यवाही के संबंध में है तो दूसरा पक्ष अनुसूचित जाति / जनजाति के हित में काम किये जा रहे कार्यों को और बेहतर ढंग से क्रियान्वित करने को लेकर है। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों द्वारा रखी गयी समस्याओं एवं सुझावों को अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग, संबंधित विभागों को अवगत कराये ताकि उस पर तेजी से अमल हो सके। साथ ही अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग द्वारा की गई कार्रवाई के संबंध में भी जनप्रतिनिधियों को अवगत करायें।
मुख्यमंत्री ने निर्देश देते हुए कहा कि पुलिस महानिदेशक अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अधिनियम के तहत अधिसूचित कार्यों की समीक्षा करें तथा विशेष अभियान चलाकर लंबित काण्डों का तेजी से अनुसंधान कराकर निर्धारित 60 दिन के अन्दर आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल कराएं। स्पीडी ट्रायल के लिए विशेष प्रयास करें ताकि समाज के कमजोर वर्ग के सभी व्यक्तियों को ससमय न्याय मिल सके। जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक जिलों में दर्ज मामलों की समीक्षा करें एवं पीड़ित व्यक्तियों को ससमय मुआवजा राशि का भुगतान सुनिश्चित करायें। जल-जीवन-हरियाली अभियान के तहत सार्वजनिक संरचनाओं को अतिक्रमणमुक्त कराने के लिए विस्थापित एवं वास-भूमि विहीन परिवारों की पहचान कर उन्हें वास-भूमि उपलब्ध कराने का काम भी जल्द पूरा करें। जिला स्तर पर गठित सतर्कता एवं मॉनिटरिंग समिति के कार्यकलापों की भी नियमित समीक्षा करें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस अधिनियम के तहत दर्ज कांडों के त्वरित निष्पादन हेतु गठित अनन्य विशेष न्यायालयों में दर्ज मामलों की तेजी से सुनवाई हो। योग्य विशेष लोक अभियोजकों को दायित्व सौंपे ताकि वे न्यायालय में बेहतर ढंग से पक्ष रख सकें। गृह विभाग एवं विधि विभाग कनविक्शन रेट में सुधार एवं लंबित मामलों में कमी लाने के लिए नियमित अनुश्रवण करे। जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक अपने-अपने जिलों में कनविक्शन रेट और स्पीडी ट्रायल को लेकर लगातार समीक्षा करें। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत जिलास्तर पर अत्याचार के पीड़ित / आश्रितों को राहत अनुदान की स्वीकृति तत्काल दी जाय।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब से हमें काम करने का मौका मिला है अनुसूचित जाति एवं जनजातियों के लिए काफी काम किया गया है। अनुसूचित जाति में से महादलित वर्ग के लिए विशेष काम किया गया। अनुसूचित जातियों एवं अनुसूचित जनजातियों को कई प्रकार की सुविधायें दी गई। जब सरकार में आये तो सर्वे में यह पता चला कि 12.5 प्रतिशत बच्चे-बच्चियां जो स्कूल नहीं जा पाते हैं, उनमें ज्यादातर महादलित एवं अल्पसंख्यक वर्गों से आते हैं। सभी बच्चे-बच्चियों को स्कूल पहुंचाया गया। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अति पिछड़ा वर्ग एवं महिलाओं के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। हमलोग चाहते हैं कि सभी वर्गों का विकास हो अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति वर्ग की लड़कियों को पढ़ने के लिए प्रेरित करना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम यात्रा पर जा रहे हैं जिसमें सरकार के द्वारा किए जा रहे कार्यों की लोगों से जानकारी लेंगे। उनकी बातों को सुनेंगे, जानेंगे और वस्तुस्थिति की जानकारी लेंगे।
बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी, बिहार विधानसभा उपाध्यक्ष महेश्वर हजारी, वित्त, वाणिज्य कर एवं संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी, भवन निर्माण मंत्री अशोक चौधरी, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति कल्याण मंत्री संतोष कुमार सुमन, कृषि मंत्री कुमार सर्वजीत, पंचायती राज मंत्री मुरारी प्रसाद गौतम, श्रम संसाधन मंत्री सुरेंद्र राम, मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन मंत्री सुनील कुमार सहित समिति के सदस्य विधायकगण, विधान पार्षदगण, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव आमिर सुबहानी, पुलिस महानिदेशक आरएस भट्टी, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अपर मुख्य सचिव ब्रजेश मेहरोत्रा, गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव चैतन्य प्रसाद, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ० एस० सिद्धार्थ, मुख्यमंत्री के सचिव अनुपम कुमार, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग के सचिव दिवेश सेहरा, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी गोपाल सिंह सहित अन्य वरीय अधिकारीगण उपस्थित थे।

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