कोरोनाकाल में टेलीमेडिसीन के जरिये मिल रहा है डॉक्टरी परामर्श

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संवाददाता.पटना. बिहार में कोरोना संक्रमण के बीच अस्पतालों में मरीजों का दबाव कम करने और लोगों को घर बैठे डाक्टरी सलाह मुहैया कराने के इरादे से स्वास्थ्य विभाग द्वारा टेलीमेडिसीन (ई-संजीवनी) सेवा शुरू की गई। राज्य के सभी जिलों में ई-संजीवनी सेवा का और विस्तार किया जा रहा है। ई-संजीवनी सेवा के जरिये विभिन्न बीमारियों के अलावे लोगों ने कोरोना से बचाव को लेकर भी सुझाव हासिल किए।
स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि टेलीमेडिसीन सेवाओं से लोगों को घर बैठे चिकित्सीय परामर्श आसानी से मिल रही है। राज्य में 21 फरवरी 2021 से 18 जनवरी 2022 तक 6 लाख 57 हजार 998 लोगों ने हब एंड स्पोक मोड में परामर्श ली। वहीं ओपीडी मोड में  26 जून 2021 से 18 जनवरी 2022 तक 36 हजार 997 लोगों को परामर्श  दी गयी है। कोरोना काल में इस माह हब एंड स्पोक मोड में 1 जनवरी से 18 जनवरी तक 38 हजार 337 लोगों को चिकित्सीय परामर्श मिले। इस माह ओपीडी के जरिये अब तक 1664 लोगों ने परामर्श ली।
श्री पांडेय ने कहा कि कोरोनाकाल में लोग स्वस्थ्य रहने के लिए चिकित्सकों से परामर्श लेने में देरी नहीं करना चाहते हैं। ऐसे में ई-संजीवनी सेवा के जरिये लोगों को काफी मदद मिल रही है। विभाग का सर्वाधिक जोर ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को उनके घर के पास स्वास्थ्य सेवाएं देने पर है। राज्य में विभाग ने सात निश्चय-दो के तहत ई-संजीवनी टेली मेडिसीन सेवा शुरू की है। इसके तहत गांव में रहने वाले मरीज टेली कांफ्रेंसिग के जरिए विभिन्न विभाग के सरकारी डाक्टरों से सलाह-मशविरा कर रहे हैं।

 

 

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