मुख्यमंत्री ने रबी महाभियान प्रचार रथों को किया रवाना

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Rabi campaign

संवाददाता.पटना. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शनिवार को मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित “संवाद” के सामने बने मंच से रबी महाभियान (2021-22) के शुभारंभ के अवसर पर रबी महाभियान प्रचार रथों को सभी जिलों के लिये हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। साथ ही सभी पंचायतों में किसान चौपाल की भी शुरूआत की। रबी 2021 की सफलता के लिये रबी महाभियान की शुरूआत की जा रही है। इस महाभियान में किसानों को रबी मौसम से संबंधित कृषि विभाग की सभी योजनाओं की जानकारी दी जायेगी, साथ ही फसल अवशेष प्रबंधन एवं खेतों में फसल अवशेष को जलाने से मिट्टी एवं पर्यावरण को होने वाले नुकसान के प्रति जागरूक किया जायेगा।
    इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री रेणु देवी, कृषि मंत्री अमरेन्द्र प्रताप सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव त्रिपुरारी शरण, कृषि विभाग के सचिव एन0 सरवन कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव अनुपम कुमार, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी गोपाल सिंह, निदेशक कृषि राजीव रौशन सहित अन्य वरीय पदाधिकारी उपस्थित थे।
कार्यक्रम के पश्चात् पत्रकारों से बात करते हुये मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में 100 करोड़ कोरोना टीकाकरण बहुत बड़ी उपलब्धि है। बिहार में भी करीब साढ़े 6 करोड़ टीकाकरण किया जा चुका है। बिहार के सभी लोगों का टीकाकरण कराना हमलोगों का लक्ष्य है। हमने इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग के साथ समीक्षा बैठक की है और बचे हुए लोगों का तेजी से टीकाकरण करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि बिहार में 4 करोड़ से अधिक लोगों को कोरोना टीके का पहला डोज दिया जा चुका है। इन लोगों को समय पर टीके का दूसरा डोज दिये जाने को लेकर भी स्वास्थ्य विभाग लगातार काम कर रहा है। साथ ही टीकाकरण को लेकर सभी लोगों को प्रेरित किया जा रहा है ताकि सभी लोग टीका लगवा लें। ग्रामीण इलाकों में भी प्रचार प्रचार के माध्यम से लोगों को इसके लिये प्रेरित किया जा रहा है। टीकाकरण सभी लोगों के हित में है और कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए यह बहुत जरुरी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में भारी वर्षापात के कारण हुए भूस्खलन में बिहार के कई लोगों की मौत की जानकारी मिली है, ये हमलोगों के लिए बहुत दुखद है। इसको लेकर बिहार के अधिकारी उत्तराखंड के अधिकारियों के लगातार संपर्क में हैं। उन्होंने कहा कि भूस्खलन के शिकार हुए 3 लोगों का शव पहले ही बिहार लाया जा चुका है और आज 7 लोगों का पार्थिव शरीर बिहार लाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हादसे के शिकार सभी मजदूर पश्चिमी चंपारण के रहने वाले हैं। मृतकों के पार्थिव शरीर को उनके घरों तक पहुंचाने की व्यवस्था सरकार की तरफ से की गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड भू-स्खलन में सभी मृतकों के निकटतम आश्रितों को विभिन्न विभागों द्वारा दी जा रही सहायता के अलावा मुख्यमंत्री राहत कोष से प्रति परिवार दो लाख रुपये की मदद दी जायेगी।मृतकों के आश्रितों को दो-दो लाख की मदद को लेकर बिहार में विपक्षी दलों की राजनीति को लेकर पत्रकारों के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के अंदर और बाहर होनेवाले हादसे को लेकर अलग-अलग व्यवस्था है। दूसरे राज्यों में हादसा होने पर वहां की राज्य सरकारें भी मदद करती हैं। दूसरे राज्यों में हादसे का शिकार होने वाले बिहार के निवासियों को मुख्यमंत्री राहत काष से 2 लाख रुपये की मदद के अलावा भी कई विभागों द्वारा अन्य मदद पहुंचायी जाती है। बिहार में राजद और कांग्रेस के अलग-अलग चुनाव लड़ने को लेकर पत्रकारों के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इसमें हमलोगों की कोई दिलचस्पी नहीं है। इसका जवाब वही लोग दे सकते हैं।

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