वीर सावरकर के आदर्श से भारत श्रेष्ठ होगा-मुख्यमंत्री

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मुख्यमंत्री ने वीर विनायक दामोदर सावरकर की जीवनी पर आधारित पुस्तक ‘वीर सावरकर की जीवनी’ का किया लोकार्पण।

संवाददाता।पटना। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने वीर विनायक दामोदर सावरकर की जीवनी पर आधारित पुस्तक ‘वीर सावरकर की जीवनी’ का लोकार्पण किया।

गुरुवार को बिहार विधान परिषद के उप भवन सभागार में महान स्वतंत्रता सेनानी वीर विनायक दामोदर सावरकर जी की 143वीं जयंती के अवसर पर आयोजित पुस्तक लोकार्पण समारोह में मुख्यमंत्री ने वीर विनायक दामोदर सावरकर जी के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें अपनी श्रद्धांजलि दी।

समारोह में पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी एवं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वीर विनायक दामोदर सावरकर को दी गई श्रद्धांजलि से संबंधित ऑडियो विजुअल क्लिप प्रदर्शित की गई।

समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं इन बातों से सहमत नहीं हूं कि वीर सावरकर जी गुमनाम हैं। आज देश का हर व्यक्ति और बच्चा उनके व्यक्तित्व, कृतित्व और राष्ट्र भक्ति से अवगत है। इसमें कहीं दो मत नहीं है कि अंग्रेजो और कुछ भारतीय इतिहासकारों ने हमारे अनेक स्वतंत्रता सेनानियों को गुमनाम रखने का भरपूर प्रयास किया।

उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति एक दिन जेल जाता है तो जीवन भर उसे याद रहता है। वीर सावरकर जी लगभग 27 वर्षों तक जेल में रह कर यातनाएं सही। वर्ष 1890-95 के दौर में अंग्रेजों ने साढे 5 लाख रुपये खर्च कर अंडमान निकोबार में जेल का निर्माण कराया था, जिसमें हमारे भारतीय स्वतंत्रता सेनानियों से निःशुल्क मजदूरी कराकर जेल का निर्माण कराया गया।

इतिहासकारों ने यह जरुर लिखा कि जितने लोगों को जेल में रखा गया, उनमें सबसे ज्यादा कष्ट वीर सावरकर जी को दिया गया। वीर सावरकर जी के जीवन आदर्श को लेकर पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी ने अपनी कविता के जरिये उनसे लोगों को अवगत कराया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी उनसे प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण का काम लगातार कर रहे हैं और देश को आगे बढ़ा रहे हैं। उनके बलिदान को कभी बुलाया नहीं जा सकता है। उनके प्रेरणा से पूरा देश आगे बढ़ रहा है।

उन्होंने कहा कि आजादी के बाद कांग्रेसवाद और आपातकाल के खिलाफ आवाज उठने लगी। हमारा देश आजाद तो हुआ लेकिन आजादी के 20 वर्षों के अंदर ही लोग तंगोतबाह हो गए। इमरजेंसी तक लगानी पड़ी। जनसंघ के लिए राष्ट्र प्रथम है और तब पार्टी है। भाजपा का स्पष्ट मानना है कि पहले भारत को, फिर पार्टी को और तब व्यक्ति को बचाना है। जिस पार्टी के लिए नेशन फर्स्ट हो उसके लिए सावरकर जैसे वीर ही महापुरुष होंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में वीर सावरकर पर रिसर्च कर रुपरेखा तैयार की जायेगी ताकि यहां के नौजवान उनसे प्रेरणा ले सके। हमलोग नेशन फर्स्ट वाले हैं और इसी विचारधारा के माध्यम से बिहार समृद्ध बन सकता है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी वर्ष 2047 तक भारत को दुनिया का सबसे अधिक विकसित राष्ट्र बनाने की कोशिश में लगे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार जी बिहार को समृद्ध बनाने का सपना देखा है उसे हमलोग आगे बढ़ा रहे हैं। बिहार के अनेक लोगों ने राष्ट्र निर्माण में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

उन्होंने कहा कि बिहार में जनकल्याण और मूलभूत आवश्यकताओं- सड़क, बिजली, पानी सहित अन्य विकास कार्य कराए गए हैं। हमलोग उद्योग को बढ़ावा देने में लगे हैं ताकि बिहार में अधिक से अधिक उद्योग स्थापित हो, इस दिशा में काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। राज्य को शिक्षा का केंद्र बनाने के लिए बिहार के सभी 534 प्रखंडों में मॉडल स्कूल के रूप में सरस्वती विद्या निकेतन की स्थापना की जाएगी। आज से लगभग 2000 वर्ष पहले नालंदा विश्वविद्यालय, विक्रमशिला विश्वविद्यालय विश्व प्रसिद्ध था। जहां दुनिया के अन्य देशों से विद्यार्थी पढ़ने आते थे। तक्षशिला विश्वविद्यालय भी यही था जो अब पाकिस्तान में है। बिहार ज्ञान की भूमि है, बापू को स्थापित करने का काम इसी बिहार ने किया है। मोहनदास करमचंद गांधी को ‘बापू’ बनाने वाला यही बिहार है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मघुलिमये, जॉर्ज फर्नांडिस, शरद यादव जैसे अनेक समाजवादियों को संरक्षण देने का काम इसी बिहार ने किया है। हमलोग बिहार में सरस्वती विद्या निकेतन के रूप में ऐसे मॉडल स्कूल स्थापित करेंगे, जिनमें बड़े-बड़े कान्वेंट स्कूलों को छोड़कर बच्चे नामांकन करायेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह ज्ञान की धरती है और ज्ञानार्जन से ही बिहार समृद्ध होगा। कुछ लोग शॉर्टकट के माध्यम से आगे बढ़ाने की कोशिश करते हैं उन्हें बेऊर जेल ही जाना पड़ता है। गलत तरीके से धनार्जन करने वाले व्यक्ति को लगातार अदालत के चक्कर काटने पड़ते हैं। यहां भ्रष्टाचार करने वालों के लिए बेऊर जेल का गेट हमेशा खुला है। भ्रष्टाचार और अपराध को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कुछ लोग हैं जो अपराधियों में भी जाति, धर्म की बात करते हैं। मेरा मानना है कि अपराधियों का कोई जाति, धर्म नहीं होता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वीर सावरकर जी से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण किया जा सकता है तथा बिहार को समृद्ध बनाया जा सकता है। हमने आग्रह किया है कि बाहर रह रहे बिहार के लोग यहां आकर बिहार की समृद्धि में अपना योगदान दें। इसके लिए हर प्रकार से संरचना खड़ी की जा रही है।

उन्होंने कहा कि बिहार सरकार ने यह फैसला लिया है कि अब कोई भी सरकारी कर्मचारी विदेश यात्रा पर नहीं जाएगा। बिहार की भूमि पर भगवान बुद्ध, गुरु गोविंद सिंह, भगवान महावीर जैसे लोगों का अवतरण हुआ। इसी धरती पर भगवान विष्णु और भगवान शंकर के बीच मल युद्ध हुआ। मां शक्ति के कई अंग इसी धरती पर गिरे। हमारी कोशिश है कि बिहार के लोग बिहार के विरासत और यहां के धरोहरों को नजदीक से देखें और समझे। इसको ध्यान में रखते हुये ही सरकारी कर्मियों के बिहार भ्रमण की व्यवस्था की गई है। बिहार के लोग मगही, अंगिका, मिथिला, भोजपुरी जैसी भाषा/बोली, संस्कृति एवं वहां की परंपराओं से रू-ब-रू हो सके।

उन्होंने कहा कि बिहार के नौजवान जो रोजगार और नौकरी के लिए बाहर गए हैं, हमलोग उन्हें वापस बिहार में लाकर उनके लिये रोजगार और नौकरी उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम कर रहे हैं। अब हमलोगों ने तय किया है कि 50 करोड रुपए तक का कॉन्ट्रैक्ट बिहार के लोगों को ही मिलेगा ताकि बिहार का पैसा बिहार में ही रहे, तभी बिहार समृद्ध होगा। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी ने जनकल्याण के कई कार्यक्रम तय किये हैं और उसी दिशा में काम लगातार आगे बढ़ रहा है। हमलोगों ने विभागों को तीन भाग में एस्टेब्लिशमेंट, जनकल्याण और राजस्व के रूप में व्यवस्था बनाकर काम करने का निर्देश दिया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि बिहार में अधिक से अधिक उद्योग स्थापित हो और निवेश हो सके, इसके लिए यदि आवश्यक हो तो पॉलिसी में बदलाव किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वीर सावरकर राष्ट्रवाद के प्रतीक हैं, उनके आदर्शों को बिहार की जमीन पर उतारने का काम किया जाएगा। वीर सावरकर जी के चरणों में मैं अपनी श्रद्धा सुमन अर्पित करता हूं।

कार्यक्रम को बिहार विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह एवं सांसद शिवेश कुमार ने भी संबोधित किया। ‘वीर सावरकर की जीवनी’ पुस्तक के लेखक अजय कुमार सिन्हा एवं संजय कुमार सिन्हा ने स्वागत संबोधन तथा धन्यवाद ज्ञापन किया।

इस अवसर पर सांसद भीम सिंह, विधायक मुरारी पासवान, विधान पार्षद निवेदिता सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, पूर्व सांसद / पूर्व विधायक / पूर्व विधान परिषद एवं वीर सावरकर की विचारधारा से जुड़े लोग उपस्थित थे।

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