पुस्तकें ही भारत की पहचान -प्रमोद कुमार

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संवाददाता.पटना.भारत एक सांस्कृतिक राष्ट्र है। भारतीय संस्कृति की पहचान पुस्तकों से ही है पुस्तकें हमारा ज्ञावर्धन करती हैं और इससे राष्ट्र मजबूत होता है। पुस्तकें हमारी सांस्कृतिक विरासत हैं। जिस प्रकार हमारे जीवन के लिए रोटी, कपड़ा और मकान जरूरी है, उसी प्रकार पुस्तकें भी हमारे लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। ये उद्गार कला, संस्कृति और युवा विभाग बिहार सरकार के मंत्री प्रमोद कुमार ने व्यक्त किया। श्री कुमार मंगलवार को समय इंडिया, नई दिल्ली की ओर से यहां ऐतिहासिक गांधी मैदान में 9 नवंबर से शुरू राष्ट्रीय पुस्तक मेला को संबोधित कर रहे थे। 

अगली बार कला-संस्कृति की भी पुस्तकें हों : मंत्री

उन्होंने कहा कि बिहार सरकार का कला, संस्कृति विभाग अपना पुस्तक बनाकर बिहार के गौरव को बढ़ाने का काम निरंतर करता है। राष्ट्रीय पुस्तक मेला में यह नहीं है। मैं मेला के आयोजकों से आग्रह करूंगा कि अगली बार जब पुस्तक मेला लगे तो उसमें बिहार के कला, संस्कृति विभाग की ओर से प्रकाशित पुस्तकें भी रहें। मंत्री श्री कुमार ने बिहार की सांस्कृतिक विरासत की चर्चा करते हुए कहा कि बिहार सदियों तक शिक्षा का सिरमौर रहा है और यह पुस्तकों से ही संभव है।

लोगों को जोड़ने का काम करते हैं पुस्तक मेला  : केसरी

मेला परिसर में पधारे भाजपा विधायक विजय कुमार खेतान और विद्या सागर केसरी ने भी अपने विचार व्यक्त किए। श्री खेतान ने मेला आयोजकों की जमकर तारीफ की और कहा कि ऐसे मेले सामाजिक समरसता को बढ़ाते हैं। लोगों को जोड़ते हैं। इसलिए पुस्तकें जरूर पढ़ें। भाजपा विधायक श्री केसरी ने कहा कि पुस्तकें हमारे जीवन में रोशनी लाती हैं। हमारा ग्यान बढ़ाती हैं। इससे हमारा समाज बदलता है और देश मजबूत होता है। सभागार में उपस्थित लोगों को आम आदमी पार्टी के बिहार प्रदेश अध्यक्ष शत्रुघ्न साहू ने भी संबोधित किया। उन्होंने पुस्तकों को व्यक्तित्व विकास का प्रमुख आधार बताया।

बच्चों को मिला सम्मान

मेला परिसर में स्थित जयप्रकाश भारती सभागार में विभिन्न प्रतिभागियों को मंत्री प्रमोद कुमार और विधायक विजय कुमार खेतान और विद्या सागर केसरी तथा आम आदमी पार्टी के बिहार प्रदेश अध्यक्ष शत्रुघ्न साहू ने पुरस्कृत किया। पुरस्कृत बच्चों में शशि कृष्ण, सूर्य भान कुशवाहा, तबरेज आलम, आरती कुमारी, श्रेया रानी, लक्ष्मी नारायण, कल्याणी केसरी, श्रेया कुमारी, नेहा कुमारी, प्रवीण कुमार, तन्वीहा अग्रवाल, राज आर्यन, निधि अग्रवाल, फेका तबस्सुम, चाहत कुमारी आदि के नाम शामिल हैं।

कवि भी हुए सम्मानित

मंच पर कवियों को भी सम्मानित किया गया। उन्हें भाजपा विधायक श्री खेतान और श्री केसरी ने पुस्तकें आदि देकर सम्मानित किया। सम्मानित कवियों में डा. विनय कुमार विष्णुपुरी, श्याम बिहारी प्रभाकर, सच्चिदानंद सिन्हा, प्रभात कुमार धवन, लता प्रासर, श्रीकांत व्यास, मनोरमा तिवारी आदि शामिल हैं।

20 नवंबर तक चलेगा मेला

समय इंडिया के प्रबंध न्यासी चंद्र भूषण ने बताया कि राष्ट्रीय पुस्तक मेला बुधवार 20 नवंबर तक चलेगा। उन्होंने कहा कि मंगलवार को मेला परिसर में पधारे पुस्तक प्रेमियों ने पुस्तकों की जमकर खरीदारी की। विभिन्न कक्षाओं की पुस्तकों के स्टालों और प्रतियोगिता परीक्षाओं से संबंधित पुस्तकों के स्टालों पर खूब भीड़ रही।

 

 

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