संवाददाता।मुंबई।पिछले दस सालों से राजकोट में ‘विनुभाई बचुभाई नागरेचा परिसर’ सदभावना वृद्धाश्रम चल रहा है। इस वृद्धाश्रम में, जाति या धर्म के भेदभाव के बिना, ज़रूरतमंद बुज़ुर्गों को नियमों के हिसाब से और संस्था की एडमिशन लिमिट के अंदर इज़्ज़त से रखा जाता है और सभी सुविधाएँ मुफ़्त दी जाती हैं।
वृद्धाश्रम में आने वाले ज़रूरतमंद बुज़ुर्गों से कोई फ़ीस, चार्ज या सब्सक्रिप्शन नहीं लिया जाता है। बुज़ुर्गों को सभी सुविधाएँ मुफ़्त दी जाती हैं।
1400 कमरों में 5000 बेसहारा, बीमार और बिस्तर पर पड़े बुज़ुर्गों को रहने की जगह दी जाएगी। दुनिया का सबसे बड़ा मुफ़्त सदभावना ओल्ड एज होम, नया विनुभाई बचुभाई नागरेचा परिसर, बेसहारा, बीमार और बिस्तर पर पड़े बुज़ुर्गों को ज़िंदगी भर के लिए पूरी तरह से मुफ़्त में रखेगा। जिसमें 7 टावर में हर टावर में 11 फ्लोर होंगे, ताकि हर व्यक्ति को काफी जगह और देखभाल मिल सके।
साथ ही, जैन समुदाय के बुजुर्गों के लिए एक पूरा टावर अलग से बनाया गया है जहां एक मंदिर भी बनाया गया है। ‘विनुभाई बचुभाई नागरेचा परिसर’ सदभावना वृद्धाश्रम 20 लाख स्क्वायर फीट में बना है। रहने वालों को ट्रेंड स्पेशलिस्ट 24/7 मेडिकल अटेंशन, पर्सनल सुपरविज़न और परिवार जैसी सेंसिटिव केयर देंगे। सर्विसेज़ में आरामदायक रहने की जगह, थेराप्यूटिक सर्विसेज़, रेगुलर हेल्थ चेक-अप और दिलचस्प कल्चरल प्रोग्राम शामिल हैं जो दिमाग को अलर्ट और दिल को खुश रखते हैं।
हल्की एक्सरसाइज़ से लेकर स्पिरिचुअल गैदरिंग तक, हर दिन का मतलब, सम्मान और खुशी होती है। अभी, गुजरात के इस सबसे बड़े वृद्धाश्रममें 700+ बुज़ुर्ग अपनी रिटायर्ड ज़िंदगी जी रहे हैं। इनमें से 400 बुज़ुर्ग बिस्तर पर (डायपर में) हैं।















