समाचार सार:-मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने विष्णुपद मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना की। देव घाट का निरीक्षण कर श्रद्धालुओं की सुविधाओं का जायजा लिया।पितृपक्ष मेला के अवसर पर टेंट सिटी का सीएम ने किया उद्घाटन।विष्णुपद कॉरिडोर के विकास पर केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा कुल 3,500 करोड़ रूपये खर्च किए जाएंगे।
संवाददाता।पटना। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पितृपक्ष मेला के अवसर पर गयाजी में विष्णुपद मंदिर में पूजा-अर्चना की और प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की।
उन्होंने देव घाट का निरीक्षण कर श्रद्धालुओं के लिए की गई व्यवस्थाओं का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पितृपक्ष के अवसर पर देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु गयाजी आते हैं। बाहर से आनेवाले सभी श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिले और वे गयाजी से सुखद अनुभव लेकर लौटें, यह सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है। बिहार की परंपरा ‘अतिथि देवो भव की रही है। पितृपक्ष मेला में आनेवाले श्रद्धालुओं और अतिथियों का पूरे आदर एवं सम्मान के साथ स्वागत किया जाना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को घाटों, आवासन, पेयजल, स्वच्छता, सुरक्षा सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाओं को बेहतर बनाए रखने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने पितृपक्ष मेला के अवसर पर टेंट सिटी का उद्घाटन भी किया। पितृपक्ष मेला के उद्घाटन के पश्चात् अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि पितृपक्ष मेला सनातन संस्कृति में पूर्वजों के प्रति श्रद्धा, सम्मान और कृतज्ञता का अनूठा पर्व है। गयाजी की पावन धरती पर पिंडदान और तर्पण के लिए देश-दुनिया से श्रद्धालु पहुंचते हैं। राज्य सरकार श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए पूरी व्यवस्था कर रही है। पितृपक्ष के दौरान पुनपुन और गया दोनों स्थानों पर सरकार की ओर से श्रद्धालुओं के लिए आवश्यक इंतजाम किए जाते हैं। गयाजी आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पर्यटन विभाग और अन्य संबंधित विभागों को पूरी तत्परता से काम करने का निर्देश दिया गया है।
उन्होंने कहा कि विभिन्न राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए तकनीक और ऐप का भी इस्तेमाल किया जा रहा है और उनकी भाषाओं में जानकारी उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए गयाजी में सुविधाओं का लगातार विस्तार किया जा रहा है। विष्णुपद कॉरिडोर के विकास के लिए केंद्र और राज्य सरकार मिलकर कुल 3,500 करोड़ रूपये खर्च करेंगी, इसमें 2,500 करोड़ रूपये की राशि कॉरिडोर के विकास के लिए है। उन्होंने कहा कि यह राज्य में किसी मंदिर के विकास के लिए अब तक की सबसे बड़ी परियोजनाओं में से एक है।
उन्होंने कहा कि बिहार में औद्योगिक विकास को भी गति दी जा रही है। बोध गया में उद्योगों के विकास के लिये इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (IMC) की शुरूआत की जा रही है। इसी वर्ष अक्टूबर से करीब 20 हजार करोड़ रूपये के औद्योगिक निवेश का जमीन पर उतरना शुरू हो जाएगा। इससे राज्य में रोजगार और आर्थिक गतिविधियों के नए अवसर सृजित होंगे। इसके साथ ही करीब 1,000 करोड़ रूपये की लागत से सोन नदी का पानी फल्गु नदी में लाने की योजना पर भी कार्य किया जा रहा है। सोन नदी के पानी के बंटवारे और जल संसाधन से जुड़े समझौतों के माध्यम से गया एवं आसपास के क्षेत्रों में सिंचाई और जल उपलब्धता को बेहतर किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गया एयरपोर्ट बिहार के प्रमुख हवाई अड्डों में शामिल है। पटना, गया, दरभंगा और पूर्णिया एयरपोर्ट के माध्यम से राज्य की हवाई कनेक्टिविटी को मजबूत किया जा रहा है। गया को इंडोनेशिया, बैंकॉक और गल्फ देशों सहित दुनिया के अन्य प्रमुख स्थानों से जोड़ने की दिशा में भी सरकार काम कर रही है। गयाजी की हवाई कनेक्टिविटी को और मजबूत किया जाएगा, इससे गयाजी आने वाले देश-विदेश के श्रद्धालुओं के साथ-साथ पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार किया जा रहा है, स्कूलों की व्यवस्था को बेहतर बनाया जा रहा है। मॉडल स्कूल, ऑनलाइन कक्षाएं और ‘विद्यार्थी साथी ऐप’ जैसी पहलों के माध्यम से विद्यार्थियों को आधुनिक एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण के लिए जीविका के माध्यम से व्यापक स्तर पर कार्य किया जा रहा है। राज्य में 1 करोड़ लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें अब तक 43 लाख महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं।
मुख्यमंत्री ने राज्यवासियों से अपील की कि पितृपक्ष मेला के दौरान गयाजी आनेवाले सभी श्रद्धालुओं और अतिथियों का मिल-जुलकर पूरे सम्मान एवं आत्मीयता के साथ स्वागत करें और उन्हें बिहार की समृद्ध संस्कृति, परंपरा और आतिथ्य का सुखद अनुभव कराएं। गयाजी और पूरे बिहार के लोगों को मिलकर देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं का आतिथ्य और स्वागत करना चाहिए।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने पितृपक्ष के अवसर पर डाक विभाग द्वारा जारी विशेष डाक लिफाफा का विमोचन किया। साथ ही मुख्यमंत्री ने पंडा समाज द्वारा लिखित ‘पाचन तीर्थ गयाजी’ पुस्तक का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने मानपुर पटवा टोली के बुनकरों द्वारा निर्मित गयाजी धाम अंगवस्त्र का लोकार्पण किया।

कार्यक्रम को केन्द्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री सह गया के सांसद जीतनराम मांझी एवंस्वास्थ्य मंत्री निशांत ने भी संबोधित किया।
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी,उप मुख्यमंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव, कृषि मंत्री सह गया जिला के प्रभारी मंत्री विजय कुमार सिन्हा, राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ० दिलीप कुमार जायसवाल, पर्यटन मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता, विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री शीला कुमारी, विधायक वीरेंद्र कुमार सिंह, विधायक मनोरमा देवी, विधायक उपेंद्र प्रसाद, विधायक रोमित कुमार, विधायक ज्योति देवी, विधान पार्षद जीवन कुमार, विधान पार्षद अफाक अहमद खां, गयाजी के महापौर बीरेंद्र कुमार, जिला परिषद अध्यक्ष नैना कुमारी सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, सभी प्रमुख वरीय अधिकारी,
श्रद्धालुगण और बड़ी संख्या में आम जन उपस्थित थे, जबकि बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ० प्रेम कुमार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े हुये थे।















