मिट्टी घर से निकला चांदी के सिक्कों का खजाना

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संवाददाता।हजारीबाग)। टाटीझरिया थाना अंतर्गत अमनारी गांव में उस वक्त अफरा-तफरी और कौतूहल का माहौल बन गया,जब एक पुराना मिट्टी का घर ढहने से उसमें छिपाकर रखा गया चांदी के सिक्कों से भरा कलश बाहर आ गिरा।

शुक्रवार की सुबह में मिट्टी घर के दीवार गिरते ही कलश से सैकड़ों पुराने चांदी के सिक्के जमीन पर बिखर गए। देखते ही देखते इसे देखने के लिए ग्रामीणों और दूर-दराज के क्षेत्रों से आए लोगों भीड़ लग गई।

जानकारी के अनुसार, यह मिट्टी का मकान बढ़न महतो और रामचंद्र महतो का है। बारिश के कारण जर्जर दीवार का एक हिस्सा अचानक ढह गया, जिसके अंदर दबा कलश नीचे गिरकर फूट गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बिखरे हुए सिक्कों का कुल वजन लगभग 3 से 4 किलोग्राम बताया जा रहा है, जिसमें प्रत्येक सिक्के का वजन एक से दो भरी (तौला) के करीब है। पुराने जमाने के ये सिक्के बेहद चमकदार हैं ।

इस घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। लोगों का कहना है कि पुराने समय में जब डिजिटल बैंकिंग या आधुनिक सुरक्षा व्यवस्था नहीं थी, तब लोग अपनी जीवनभर की कमाई, सोने-चांदी के आभूषण और सिक्के कलश या सुराही में रखकर दीवारों और जमीन के नीचे सुरक्षित गाड़ दिया करते थे। आज के आधुनिक दौर में जहां लोग कंप्यूटर, मोबाइल और बैंकों तक सीमित हैं तथा साइबर ठगी का शिकार हो रहे हैं, वहीं पूर्वजों का यह ‘घरेलू बैंक’ पीढ़ियों तक सुरक्षित रहता था।

सिक्कों को लेकर गांव में कई तरह की भ्रांतियां और आस्था से जुड़ी बातें होने लगी है।स्थानीय लोगों को भय है कि इन सिक्कों का अनुचित उपयोग या अनाधिकृत स्पर्श किसी के लिए भी नुकसानदेह साबित हो सकता है। ग्रामीणों के सुझाव पर फिलहाल मुख्य दरवाजे में ताला लगा दिया गया है।

मौके पर थाना प्रभारी इंद्रजीत कुमार, सीओ अमित कुमार झा, बीडीओ रश्मि खुशबू मिंज ने घटना स्थल पहुंचकर निरीक्षण किया । घर मालिक का कहना है कि यह संपत्ति उनके पूर्वजों की निजी धरोहर है।

इसके साथ ही ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि स्थल पर फॉरेंसिक या पुरातत्व विभाग की टीम भेजी जाए, ताकि यदि आसपास अन्य कोई ऐतिहासिक या प्राचीन अवशेष है तो उसका वैज्ञानिक तरीके से पता लगाया जा सके।

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