समाचार सार:-वित्तरहित शिक्षकों की समस्याओं के समाधान के लिये की गई कमिटी। उनकी समस्याओं का समाधान करना सरकार का दायित्व।
संवाददाता।पटना।मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में वित्तरहित शिक्षकों के अभिनंदन समारोह कार्यक्रम में शामिल हुये।
रविवार को इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि आप शिक्षक निर्माता होते हैं, छात्रों के भाग्य विधाता होते हैं। आप सभी शिक्षकों का हमने शुरू से सम्मान किया है और आगे भी आपका सम्मान जारी रहेगा। युवा पीढ़ियों को आप शिक्षित कर रहे हैं, उन्हें गढ़ रहे हैं, वे सभी बिहार को समृद्ध बनाने में तथा इसके गौरवशाली अतीत को वापस लाने में बड़ी भूमिका निभायेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वित्तरहित शिक्षकों एवं उनके प्रतिनिधियों से बात कर समस्याओं का समाधान किया जायेगा। उन्होंने कहा कि आप सभी से मिलूंगा, बात करूंगा, आपके प्रतिनिधियों से भी बात करूंगा। हमने पदाधिकारियों को भी इस संबंध में निर्देशित किया है। आपकी समस्याओं के समाधान के लिये कमिटी गठित की गयी है। आप सभी का सम्मान बना रहेगा, सरकार इस दिशा में कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज विकसित भारत और समृद्ध बिहार की कल्पना को साकार करने का समय है। प्रधानमंत्री आदरणीय श्री नरेंद्र मोदी जी ने विकसित भारत और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री आदरणीय श्री नीतीश कुमार जी ने समृद्ध बिहार की कल्पना की है। इसे साकार करने के लिये हम सभी को मिलकर काम करना होगा। उन्होंने कहा कि बिहार का इतिहास गौरवशाली रहा है। इसी मगध की धरती से पूरा शासन व्यवस्था का संचालन हुआ है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2005 के बाद बिहार की अर्थव्यवस्था और आधारभूत संरचना में बड़ा बदलाव आया है। बिहार और झारखंड के अलग होने के समय बिहार की अर्थव्यवस्था काफी हद तक झारखंड से प्राप्त राजस्व पर निर्भर थी, लेकिन आज बिहार का बजट झारखंड से काफी आगे निकल चुका है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2024 में जहां झारखंड ने 1 लाख 39 हजार करोड़ रूपये का बजट पेश किया वहीं बिहार ने 3 लाख 17 हजार करोड़ रुपये का बजट पेश किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमलोगों ने बिहार की शिक्षा व्यवस्था पर शुरू से ध्यान दिया है। बच्चों को बेहतर शिक्षा हमलोगों की प्राथमिकता में रही है। स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड के माध्यम से बच्चों को उच्च शिक्षा के लिये सरकार द्वारा राशि उपलब्ध करायी जा रही है। उन्होंने कहा कि नयी सरकार बनने के बाद बिहार में 15 जुलाई को एक साथ 211 डिग्री कॉलेजों में पढ़ाई शुरू कराई गई। एक साथ 2500 असिस्टेंट प्रोफेसर की बहाली की गयी। हम लोगों का उद्देश्य है कि बिहार के बच्चे बिहार में ही पढ़ें, हमारे बच्चों के लिये हमेशा बेहतर शिक्षक उपलब्ध रहें। 700 मॉडल स्कूलों (सरस्वती विद्या निकेतन) की स्थापना की गई है, जिनमें 3.5 लाख बच्चे पढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि ‘विद्यार्थी साथी’ ऐप के माध्यम से 75 हजार शिक्षकों को जोड़ा गया है और रात में भी बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को ऑनलाइन शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है। अभी इस ऐप के माध्यम से रात में लगभग 1 लाख 42 हजार बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले 5 वर्षों में एक करोड़ लोगों को रोजगार उपलब्ध कराना है। एक करोड़ महिलाओं को लखपति दीदी बनाना है ताकि उनके परिवार की आर्थिक स्थिति बेहतर हो सके। महिलाओं के लिये महिला यूनिवर्सिटी बनाया जायेगा, जिसमें नीचे के कर्मचारी से लेकर वी०सी० तक महिलायें होंगी। नालंदा विश्वविद्यालय को प्रधानमंत्री आदरणीय श्री नरेन्द्र मोदी जी एवं पूर्व मुख्यमंत्री आदरणीय श्री नीतीश कुमार जी के नेतृत्व में पुनः स्थापित किया गया। विक्रमशीला विश्वविद्यालय को स्थापित करने के लिये प्रधानमंत्री जी ने निर्देशित किया था, हमने इसके लिये 220 एकड़ जमीन आवंटित कर दिया है। हमलोग जनता के हित के लिये लगातार काम करते रहते हैं, उनकी समस्याओं का समाधान करना हमारा दायित्व है। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को बेहतर करने के लिये लगातार काम करते रहेंगे। स्कूल, कॉलेज, यूनिवर्सिटी के शिक्षकों के साथ-साथ आप वित्तरहित शिक्षकों का सम्मान भी बना रहेगा।
कार्यक्रम को बिहार विधान परिषद् के सभापति अवधेश नारायण सिंह, विधान पार्षद प्रो० (डॉ०) नवल किशोर यादव एवं विधान पार्षद नीरज कुमार ने संबोधित किया।
इस अवसर पर विधान पार्षद संजीव कुमार, विधान पार्षद प्रो० (डॉ०) वीरेन्द्र नारायण यादव, विधान पार्षद सर्वेश कुमार, विधान पार्षद एनके यादव, विधान पार्षद जीवन कुमार, विधायक रत्नेश कुशवाहा, पूर्व विधायक डॉ० रवीन्द्र यादव, जनप्रतिनिधिगण, अन्य गणमान्य व्यक्ति एवं बड़ी संख्या में वित्तरहित शिक्षक उपस्थित थे।















