कोविड-19,WHO के न्यूनतम मानक से 6-7 गुना अधिक प्रतिदिन टेस्ट बिहार में

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संवाददाता.पटना.वीडियो कॉंन्फ्रेसिंग के माध्यम से मीडिया के साथ संवाद में सचिव सूचना एवं जन-सम्पर्क अनुपम कुमार, सचिव स्वास्थ्य लोकेश कुमार सिंह, अपर पुलिस महानिदेशक, पुलिस मुख्यालय  जितेंद्र कुमार, अपर सचिव आपदा प्रबंधन रामचंद्र डू एवं जल संसाधन विभाग के प्रभारी पदाधिकारी, बाढ़ अनुश्रवण सेल ने कोरोना संक्रमण की रोकथाम एवं विभिन्न नदियों के जलस्तर को लेकर सरकार द्वारा किये जा रहे कार्यों के संबंध में अद्यतन जानकारी दी।

सचिव, सूचना एवं जन-सम्पर्क अनुपम कुमार ने बताया कि कोविड-19 की वर्तमान स्थिति को लेकर पूरे तौर पर सरकार सजग है और नियमित समीक्षा कर सभी आवश्यक कदम उठाये जा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के पदाधिकारी लगातार क्षेत्र भ्रमण कर रहे हैं और स्थिति में उतरोत्तर सुधार हो रहा है। कोरोना का संक्रमण घट रहा है और रिकवरी रेट में लगातार वृद्धि हो रही है। आज बिहार का रिकवटी रेट लगभग 90 प्रतिशत है, जो राष्ट्रीय औसत से लगभग 12 प्रतिशत अधिक है। बाढ़ की स्थिति अब पूरी तरह से लगभग सामान्य हो चुकी है। उन्होंने बताया कि रोजगार सृजन पर सरकार का विशेष ध्यान है और लॉकडाउन पीरियड से लेकर अभी तक 05 लाख 60 हजार 490 योजनाओं के अंतर्गत 15 करोड़ 11 लाख से अधिक मानव दिवसों का सृजन किया जा चुका है।

सचिव स्वास्थ्य लोकेश कुमार सिंह ने बताया कि कोरोना संक्रमण से पिछले 24 घंटे में 1,700 लोग स्वस्थ हुए हैं और अब तक 1,41,158 लोग कोविड-19 संक्रमण से स्वस्थ हो चुके हैं। बिहार का रिकवरी रेट 89.99 प्रतिशत है। विगत 24 घंटे में कोविड-19 के 1,421 नये मामले सामने आये हैं। वर्तमान में बिहार में कोविड-19 के 14,899 एक्टिव मरीज हैं। उन्होंने बताया कि 11.09.2020 को 1,05,930 सैंपल्स की जांच की गई है और अब तक की गयी कुल जांच की संख्या 47,73,917 है। बिहार में प्रति मिलियन 37,370 (प्रति लाख 3,737) टेस्ट हो चुके हैं। प्रतिदिन एक लाख से अधिक सैंपल्स की जांच की जा रही है।

लोकेश कुमार सिंह ने बताया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन के रेकोमेंडेशन के मुताबिक प्रति मिलियन कम से कम 140 टेस्ट प्रतिदिन (प्रति लाख 14 टेस्ट प्रतिदिन) होनी चाहिए। विश्व स्वास्थ्य संगठन के न्यूनतम मानक से 6 से 7 गुना अधिक प्रतिदिन टेस्ट बिहार में किये जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि अभी बिहार में कुल 3,214 कंटेनमेंट जोन हैं जिनमे 2,382 कंटेनमेंट जोन ग्रामीण क्षेत्रों में और 832 कंटेनमेंट जोन शहरी क्षेत्रों में हैं। कंटेनमेंट जोन में 9 लाख 94 हजार घर हैं जिनमे 06 लाख 06 हजार घर ग्रामीण इलाकों में हैं और 03 लाख 87 हजार से कुछ अधिक घर शहरी क्षेत्रों में हैं। कंटेनमेंट जोन में इफेक्टिव कार्रवाई चल रही है और मास्किंग के लिए अभियान चल रहा है। टेस्टिंग भी लगातार बढ़ायी जा रही है। आज प्रधान सचिव स्वास्थ्य के साथ मैंने एम्स, पटना का दौरा कर वहां की व्यवस्था का जायजा लेकर स्थिति का आकलन किया। हमलोग प्रत्येक सप्ताह मेडिकल कॉलेजों के साथ वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा करते हैं और जो बेस्ट प्रैक्टिसेज चल रहे हैं उन्हें यहाँ की अस्पतालों में लागू करने की कोशिश करते हैं। स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से सजग है और कोविड-19 के सभी एस्पेक्ट्स पर सूक्ष्मतापूर्वक कार्य किये जा रहे हैं।

अपर पुलिस महानिदेशक, पुलिस मुख्यालय जितेन्द्र कुमार ने बताया कि सरकार द्वारा 01 सितंबर से लागू अनलॉक-4 के तहत जारी गाइडलाइन्स का अनुपालन कराया जा रहा है। पिछले 24 घंटे में 514 वाहन जब्त किये गये हैं और 15 लाख 66 हजार 100 रूपये की राशि जुर्माने के रुप में वसूल की गई है। इस प्रकार 1 सितंबर से अब तक 13 कांड दर्ज किये गए हैं और 56 व्यक्तियों की गिरफ्तारी हुई है। कोविड-19 से निपटने के लिये उठाये जा रहे कदमों और नए दिशा-निर्देशों का पालन करने में अवरोध पैदा करने वालों के खिलाफ सख्ती से कदम उठाये जा रहे हैं।

जल संसाधन विभाग के प्रभारी पदाधिकारी, बाढ़ अनुश्रवण सेल ने बताया कि कोशी नदी के वीरपुर बराज पर आज 02 बजे 1,53135 क्यूसेक जलश्राव प्रवाहित हुआ है और इसकी प्रवृति स्थिर है। गंडक नदी में वाल्मीकिनगर बराज पर आज 1,16,500 क्यूसेक जलश्राव प्रवाहित हुआ है और इसकी प्रवृत्ति घटने की है। सोन नदी में इन्द्रपुरी बराज पर आज 16,052 क्यूसेक जलश्राव प्रवाहित हुआ है और इसकी प्रवृत्ति फॉलिंग है। बागमती नदी का जलस्तर केवल बेनीबाद में राइजिंग ट्रेंड में है और खतरे के निशान से नदी 17 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। बागमती नदी का जलस्तर अन्य गेज स्थलों (ढेंग, सोनाखान, डूब्बाधार, हायाघाट और कंसार/चंदौली, कटौंझा) पर या तो स्थिर है या इसकी प्रवृत्ति घटने की है। बूढी गंडक नदी का जलस्तर सिकंदरपुर, समस्तीपुर रेल पुल और रोसरा रेल पुल पर बढ़ने की प्रवृत्ति में है लेकिन नदी खतरे के निशान से नीचे बह रही है। गंगा का जलस्तर फॉलिंग ट्रेंड में है और इलाहाबाद, वाराणसी, बक्सर, दीघा, गांधी घाट, हाथीदह, मुंगेर, भागलपुर एवं कहलगांव में खतरे के निशान से नीचे प्रवाहित हो रही है। कमला बलान, भुतही बलान, घाघरा नदी के जलस्तर में घटने की प्रवृत्ति है। महानंदा नदी का जलस्तर तैयबपुर और ढेंगराघाट में बढ़ा हुआ है लेकिन यह खतरे के निशान से नीचे बह रही है। पूर्वानुमान के मुताबिक अगले 24 घंटे में नेपाल और बिहार की सभी नदियों के बेसिन में लाइट टू मोडरेट वर्षापात की संभावना व्यक्त की गयी है। महानंदा नदी के बिहार जलग्रहण क्षेत्र में कुछ जगहों पर भारी वर्षा की संभावना जताई गई है। बिहार राज्य में विभिन्न नदियों पर अवस्थित तटबंध सुरक्षित हैं। जल संसाधन विभाग द्वारा सतत् निगरानी एवं चौकसी बरती जा रही है।

अपर सचिव आपदा प्रबंधन रामचंद्र डू ने बताया कि बिहार की विभिन्न नदियों के बढ़े जलस्तर को देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग पूरी तरह से सतर्क है। अब धीरे-धीरे बाढ़ की स्थिति सामान्य हो रही है। नदियों के बढ़े जलस्तर से बिहार के 16 जिलों के कुल 130 प्रखंडों की 1,333 पंचायतें प्रभावित हुई हैं।अभी तक बाढ़ प्रभावित 17,25,201 परिवारों के बैंक खाते में प्रति परिवार 6,000 रुपये की दर से कुल 1,035.12 करोड़ रुपये जी0आर0 की राशि भेजी जा चुकी है। आपदा प्रबंधन विभाग संपूर्ण स्थिति पर लगातार निगरानी रख रहा है।

 

 

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