‘बिहार गति’ परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने का सीएम का निर्देश

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बिहार गति

समाचार सार:-इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (IMC), गया का अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में शुभारंभ करने का दिया निर्देश।
आंगनवाड़ी एवं संबंधित कर्मियों के लंबित मानदेय का भुगतान दशहरा से पहले सुनिश्चित करने का निर्देश।
दक्षिण बिहार की नहरों एवं नदियों के तटबंधों के सोलराइजेशन के लिए कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश।

संवाददाता।पटना। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने ‘बिहार गति’ के अंतर्गत राज्य में क्रियान्वित 100 करोड़ रूपये से अधिक राशि की परियोजनाओं एवं अन्य केंद्र प्रायोजित तथा राज्य योजनाओं की समीक्षा की।

बिहार गति के अन्तर्गत चिन्हित परियोजनाओं की मंगलवार को हुई समीक्षा बैठक में पथ निर्माण विभाग, जल संसाधन विभाग, उद्योग विभाग एवं समाज कल्याण विभाग से जुड़ी महत्वपूर्ण परियोजनाओ की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।

इस दौरान पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल, जल संसाधन विभाग के सचिव डॉ० चन्द्रशेखर सिंह, उद्योग विभाग के सचिव कुंदन कुमार एव समाज कल्याण विभाग के सचिव विनोद सिंह गुंजियाल ने अपने-अपने विभागों में क्रियान्वित योजनाओं की अद्यतन स्थिति की जानकारी दी।

समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि विकास परियोजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाई जाए और निर्धारित समय-सीमा के भीतर कार्य पूरा करना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने परियोजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग, विभागों के बीच बेहतर समन्वय तथा कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने को कहा।

बैठक में सुल्तानगंज-तारापुर- संग्रामपुर-बेलहर कटोरिया-चन्दन दर्दमारा सड़क से संबंधित योजना की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि इस सड़क के 0.0 किलोमीटर से 40.0 किलोमीटर तक के हिस्से को फोर लेन बनाने के लिए विस्तृत योजना तैयार की जाए। बेलहर से दर्दमारा तक भी फोर लेन सड़क का निर्माण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि सड़क परियोजना की आवश्यकताओं एवं भविष्य की यातायात जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विस्तृत योजना तैयार कर आवश्यक कार्रवाई को तेजी से आगे बढ़ायें।

बैठक में औरंगाबाद, सासाराम एवं डेहरी शहरों में पेयजल आपूर्ति योजना की भी समीक्षा की गई। इस योजना के माध्यम से सोन नदी के सतही जल का उपयोग पेयजल के रूप में किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने परियोजना की गुणवत्ता एवं प्रगति की निरंतर निगरानी करने तथा कार्य को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने का निर्देश दिया।

उन्होंने कहा कि लोगों को गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराने से जुड़ी योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की शिथिलता नहीं होनी चाहिए। मधुबनी जिले के जयनगर में कमला नदी पर बैराज निर्माण से संबंधित कार्यों की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को परियोजना के कार्यों में तेजी लाने तथा आवश्यक प्रक्रियाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जल संसाधन एवं सिंचाई से जुड़ी परियोजनाओं को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ायें ताकि किसानों को इसका ससमय लाभ मिल सके।

औद्योगिक विकास से संबंधित योजनाओं की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने अमृतसर-कोलकाता इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (AKIC) के तहत गया में इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (IMC) का अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में शुभारंभ करने का निर्देश दिया। गया में इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (IMC) के शुरू होने से बिहार में लगभग 20 हजार करोड़ रूपये का निवेश आयेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि औद्योगिक परियोजनाओं के लिए आवश्यक आधारभूत संरचना एवं अन्य सुविधाओं को समयबद्ध तरीके से विकसित करें।

बैठक में दक्षिण बिहार की सभी नहरों एवं नदियों के तटबंधों के सोलराइजेशन की दिशा में भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को इस दिशा में संभावनाओं का अध्ययन कर आवश्यक कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया। उन्होंने सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने तथा उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

बैठक में समाज कल्याण विभाग एवं समेकित बाल विकास सेवाएं (ICDS) के अंतर्गत संचालित प्रमुख योजनाओं की भी समीक्षा की गई। इनमें सक्षम आंगनवाड़ी एवं पोषण 2.0, मिशन शक्ति-सामर्थ्य तथा किशोरी बालिकाओं के लिए भोजन योजना शामिल हैं। समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि आंगनवाड़ी कर्मियों एवं संबंधित कर्मियों के लंबित मानदेय का भुगतान दुर्गा पूजा से पहले हर हाल में सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि महिला एवं बाल विकास से संबंधित योजनाओं का लाभ पात्र लाभुकों तक समय पर पहुंचना चाहिए। आंगनवाड़ी सेवाओं एवं पोषण संबंधी कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन की नियमित समीक्षा भी सुनिश्चित की जाए।

बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘बिहार गति’ के तहत 100 करोड़ रूपये से अधिक की परियोजनाएं राज्य के विकास और आधारभूत संरचना को मजबूत करने की दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं। इन परियोजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन से राज्य में सड़क, पेयजल, सिंचाई, औद्योगिक विकास, ऊर्जा तथा सामाजिक क्षेत्र की सुविधाओं को और मजबूती मिलेगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी विभाग अपनी-अपनी महत्वपूर्ण परियोजनाओं की नियमित समीक्षा एवं मॉनिटरिंग करें। जहां भी किसी परियोजना में बाधा या विलंब हो, उसे चिह्नित कर उसके समाधान के लिए त्वरित कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि परियोजनाओं में गति, कार्यों में गुणवत्ता और निर्धारित समय- सीमा का पालन करें।सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए विकास योजनाओं का लाभ आम लोगों तक तेजी से पहुंचायें।

बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव आनंद किशोर, पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल, मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह, उद्योग विभाग के सचिव कुंदन कुमार, ऊर्जा विभाग के सचिव अजय यादव, मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव जय सिंह, समाज कल्याण विभाग के सचिव विनोद सिंह गुंजियाल, खेल विभाग के सचिव दीपक आनंद, जल संसाधन विभाग के सचिव डॉ० चन्द्रशेखर सिंह, बियाडा के प्रबंध निदेशक नवीन कुमार सहित अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित थे।

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