बिहार: छह जिलों में होगा पत्थर खनन

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संवाददाता। पटना। खान एवं भूतत्व विभाग के सचिव अवनीश कुमार सिंह ने कहा कि सरकार ने राज्य के छह जिलों के 44 भूखंडों पर पत्थर खनन की मंजूरी दी है।

उन्होंने कहा कि इसमें सबसे अधिक 17 भूखंड नवादा जिले में चिह्नित हुए हैं। इसी तरह शेखपुरा के 10 गया जी के 09 रोहतास में 04 औरंगाबाद में 03 और बांका के 01 भूखंड पर भी पत्थर खनन होगा।

उन्होंने बताया कि जिला सर्वेक्षण प्रतिवेदन डीएसआर की रिपोर्ट पर पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन कला संस्कृति और पर्यटन विभाग ने इससे संबंधित अनापत्ति दे दी है। इसके उपरांत खान एवं भूतत्व विभाग ने ई-नीलामी से बंदोबस्ती की प्रक्रिया शुरू की है।

विभाग के मुताबिक नवादा के आठ खनन पट्टों की निविदा का प्रकाशन कर दिया गया है जबकि शेष निविदाएं प्रक्रियाधीन हैं। वर्तमान में केवल दो पत्थर खदान शेखपुरा और नवादा में सक्रिय हैं। खान एवं भूतत्व विभाग का मानना है कि राज्य के भीतर उत्पादन बढ़ने से पत्थरों की किल्लत दूर होगी। पड़ोसी राज्यों से आने वाले पत्थर पर परिवहन लागत और इंट्री टैक्स में बचत होगी। इससे स्थानीय पत्थर सस्ते मिलेंगे। इससे सरकार का राजस्व बढ़ेगा। साथ ही सरकारी निर्माण कार्यों के लागत में भी कमी आयेगी।

सरकार की तरफ से साफ किया गया है कि पत्थर भूखंडों की बंदोबस्ती केंद्र सरकार की एजेंसी एमएसटीसी मेटल स्क्रैप ट्रेड कॉरपोरेशन के पोर्टल पर ई-नीलामी के माध्यम से कराई जायेगी। प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल होगी जिससे भ्रष्टाचार की गुंजाइश शून्य रहेगी। योग्य कंपनियों के भाग लेने से सरकार को खनन के बदले बेहतर राजस्व प्राप्त होगा।

खान एवं भूतत्व विभाग के सचिव ने कहा कि राज्य में 44 नये भूखंडों से पत्थर खनन होगा। इसको लेकर मंजूरी के बाद निविदा प्रकाशन की प्रक्रिया की गयी है। नये भूखंडों से पत्थर खनन होने पर सरकार का राजस्व बढ़ेगा। उन्होंने इस दिशा में तेजी से पहल किए जाने का ऐलान किया।

सरकार द्बारा पत्थर खनन की स्वीकृति दिए जाने का खबर पाकर राज्य के निर्माणकर्ताओं में खुशी की लहर दौड़ गई है। अब उन्हें झारखंड समेत अन्य राज्यों से निर्माण कार्य के लिए पत्थर नहीं मंगाना पड़ेगा। उन्हें धन और समय की बचत होगी। निर्माणकर्ताओं ने सरकार के फैसले का स्वागत किया है

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