बत्तख पालन से ग्रामीण महिलाओं को मिली नई उड़ान

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संवाददाता।पाकुड़।झारखंड के पाकुड़ जिले में ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में वन प्रमंडल ने एक सराहनीय पहल की है।

रविवार को हिरणपुर प्रखण्ड के बरमसिया क्षेत्र में वन प्रमंडल, पाकुड़ की ओर से बत्तख बच्चा वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस योजना के माध्यम से बीरगांव और दुलमीडांगा गांव की महिलाओं को स्वरोजगार के लिए साधन उपलब्ध कराए गए, जिससे उनमें काफी उत्साह देखने को मिल रहा है।

यह पहल केवल बत्तख वितरण तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक मजबूत तैयारी की गई है। बीते 19 अप्रैल को प्राथमिक विद्यालय दुलमीडांगा परिसर में एक विशेष प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया था। वहां विशेषज्ञों ने महिलाओं को बत्तख पालन के आधुनिक तौर-तरीकों, उनकी देखभाल और बीमारियों से बचाव के गुर सिखाए थे। इसी प्रशिक्षण को आधार बनाकर आज लाभुक दीदियों को बत्तख के बच्चे सौंपे गए।

कार्यक्रम के दौरान पाकुड़ वन प्रमंडल के नव पदोन्नत वनक्षेत्र पदाधिकारी बबलू कुमार देहरी ने लाभुक दीदियों को बत्तख पालन के लिए आवश्यक किट प्रदान किए। हर एक लाभुक महिला को निम्नलिखित सामग्री दी गई:-50 बत्तख के बच्चे,50 किलो बत्तख का दाना (फीड),आवश्यक दवाएं

,एक डलिया (टोकरी)

वितरण के बाद महिलाओं ने वन प्रमंडल पदाधिकारी (DFO) का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पाकुड़ वन प्रमंडल के इस कदम से न केवल उन्हें अतिरिक्त आय का जरिया मिलेगा, बल्कि वे आर्थिक रूप से मजबूत होकर अपने परिवार का बेहतर सहारा बन सकेंगी।

वन प्रमंडल पदाधिकारी ने कार्यक्रम के दौरान कहा कि यह पहल भविष्य में ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि महिलाएं इस कार्य को कुशलता से अपनाकर अन्य ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रेरणा बनेंगी।

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