NHM संविदा कर्मियों की लंबित मांगों पर संघ की चेतावनी 

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नियमितीकरण एवं समायोजन में विलंब पर संघ ने कहा—अब और विलंब हुआ तो आंदोलन को किया जाएगा तेज

संवाददाता।पटना। पब्लिक हेल्थ मैनेजमेंट कैडर (PHMC) की स्वीकृति को बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए ऐतिहासिक एवं दूरगामी निर्णय बताते हुए अखिल भारतीय स्वास्थ्य एवं NHM कर्मचारी महासंघ (भारतीय मजदूर संघ) एवं बिहार राज्य स्वास्थ्य संविदा कर्मी संघ ने राज्य सरकार से PHMC के स्वीकृत पदों पर वर्षों से कार्यरत योग्य एवं अनुभवी NHM संविदा कर्मियों के नियमितीकरण एवं समायोजन की प्रक्रिया तत्काल प्रारंभ कर समयबद्ध रूप से पूर्ण करने की मांग की है।

संघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं बिहार राज्य स्वास्थ्य संविदा कर्मी संघ के सचिव ललन कुमार सिंह ने कहा कि पब्लिक हेल्थ मैनेजमेंट कैडर की स्वीकृति बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। इस महत्वपूर्ण निर्णय के लिए संघ माननीय पूर्व मुख्यमंत्री एवं वर्तमान में राज्यसभा सांसद नीतीश कुमार जी के प्रति भी आभार व्यक्त करता है। उनके नेतृत्व एवं अध्यक्षता में ही इस दिशा में महत्वपूर्ण विचार-विमर्श एवं पदों की स्वीकृति का मार्ग प्रशस्त हुआ था।

उन्होंने कहा कि PHMC की स्वीकृति से वर्षों से राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन में पूरी निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ कार्य कर रहे हजारों संविदा कर्मियों के बीच अपने भविष्य को लेकर एक नई उम्मीद जगी थी। कर्मियों को विश्वास था कि उनकी योग्यता, अनुभव, कार्यकुशलता एवं वर्षों की निरंतर सेवा को सम्मान देते हुए उन्हें स्वीकृत कैडर में उचित रूप से नियमित एवं समायोजित किया जाएगा।

लेकिन कैडर की स्वीकृति के लगभग एक वर्ष बीत जाने के बाद भी नियमितीकरण एवं समायोजन की प्रक्रिया प्रारंभ नहीं होने से NHM कर्मियों में निराशा, असंतोष और भविष्य को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है।

श्री सिंह ने कहा कि यही संविदा कर्मी कोविड-19 जैसी वैश्विक महामारी, टीकाकरण, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों, गैर-संचारी रोग नियंत्रण, जनस्वास्थ्य प्रबंधन तथा स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न योजनाओं को धरातल तक पहुंचाने में वर्षों से महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे हैं। इनके अनुभव का उपयोग करना बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था के हित में भी आवश्यक है।

संघ ने माननीय स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार जी से आग्रह किया है कि वे इस विषय को प्राथमिकता देते हुए विभागीय स्तर पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें तथा—

PHMC के स्वीकृत पदों एवं उनकी सेवा-शर्तों के संबंध में स्पष्ट कार्ययोजना जारी की जाए।

NHM में वर्षों से कार्यरत योग्य एवं अनुभवी संविदा कर्मियों के नियमितीकरण/समायोजन की प्रक्रिया तत्काल प्रारंभ की जाए।

पूरी प्रक्रिया के लिए समयबद्ध कार्यक्रम (Time Bound Action Plan) निर्धारित किया जाए।कर्मियों की योग्यता, अनुभव एवं पूर्व सेवा को उचित महत्व देते हुए न्यायसंगत व्यवस्था बनाई जाए। इस संबंध में संघ के प्रतिनिधियों के साथ शीघ्र वार्ता कर उनकी समस्याओं एवं सुझावों को भी शामिल किया जाए।

ललन कुमार सिंह ने स्पष्ट कहा कि संघ सरकार से टकराव नहीं, बल्कि समाधान चाहता है। हमारा पहला प्रयास हमेशा संवाद, वार्ता एवं सकारात्मक पहल के माध्यम से समस्याओं का समाधान कराने का रहा है।लेकिन यदि PHMC की स्वीकृति के बावजूद नियमितीकरण एवं समायोजन के मामले में अनावश्यक विलंब जारी रहा और शीघ्र ठोस कार्रवाई प्रारंभ नहीं हुई, तो NHM संविदा कर्मियों के बढ़ते असंतोष को देखते हुए संघ अपने सदस्यों के हित में लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से चरणबद्ध आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा।

संघ ने सरकार को यह भी स्पष्ट किया कि यह केवल संविदा कर्मियों की नौकरी का विषय नहीं है, बल्कि बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था में वर्षों से कार्यरत अनुभवी मानव संसाधन के सम्मान, स्थायित्व और भविष्य से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है।

         श्री सिंह ने कहा कि संघ को पूर्ण विश्वास है कि माननीय मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी जी एवं स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार जी NHM कर्मियों की वर्षों की सेवा एवं योगदान को ध्यान में रखते हुए इस मामले में शीघ्र सकारात्मक पहल करेंगे।सरकार यदि समयबद्ध कार्रवाई करती है तो संघ उसका स्वागत करेगा और स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने में अपना पूरा सहयोग देता रहेगा। लेकिन यदि मामले को लगातार लंबित रखा गया, तो संघ अपने हजारों कर्मियों के अधिकार एवं भविष्य की रक्षा के लिए लोकतांत्रिक संघर्ष का रास्ता अपनाने से पीछे नहीं हटेगा।

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