5 वर्षों में एयर कनेक्टिविटी को 10 गुना बढ़ाने का लक्ष्य-मुख्यमंत्री

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सभी जिलों में एयर ट्रैफिक का विस्तार करना सरकार का लक्ष्य, चाहे एयरपोर्ट के रूप में हो, एयर स्ट्रीप के रूप में हो या हेलीपोर्ट के रुप में हो।

संवाददाता।पटना। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी आज दरभंगा हवाई अड्डा की सुरक्षा को केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सी०आई०एस०एफ०) के हस्तांतरण कार्यक्रम में शामिल हुए।

इस अवसर पर दरभंगा हवाई अड्डा परिसर में आयोजित कार्यक्रम का मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्ज्वलित कर विधिवत शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के पुलिस महानिदेशक प्रवीर रंजन को सी०आई०एस०एफ० का फ्लैग एवं सांकेतिक चाबी प्रदान कर उन्हें दरभंगा हवाई अड्डा के सुरक्षा की कमान सौंपी।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का दिन ऐतिहासिक और काफी महत्वपूर्ण है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अपील को ध्यान में रखते हुए यहां छोटे स्तर पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। भारत की अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने के लिए प्रधानमंत्री जी ने देशवासियों से हरसंभव सहयोग करने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि ज्यादातर कार्यक्रमों का आयोजन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ही करें। यदि कोई महत्वपूर्ण कार्यक्रम है तो उसकी रूपरेखा छोटे स्तर पर रखें। प्रधानमंत्री जी के आह्वान को ध्यान में रखते हुए हमने जनप्रतिनिधियों एवं प्रशासनिक महकमा को निर्देश दिया है कि आवश्यक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कम से कम वाहनों का प्रयोग करें। उन्होंने कहा कि इससे ईंधन की बचत होगी और देश के अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मिथिला की यह धरती भारत की संस्कृति को समृद्ध बनाती है। इसी धरती पर माता जानकी का जन्म हुआ। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम यहां पधारे। यह धरती त्याग का प्रतीक है। मिथिला की परंपरा और यहां के उत्पाद का प्रसार दुनिया भर में काफी तेजी से हो रहा है। दुनिया जिस मखाना को सुपर फूड के नाम से जानती है उसकी उत्पत्ति यहीं से हुई है। प्रधानमंत्री जी अक्सर अपने भाषणों में इसका जिक्र करते रहते हैं। विश्व में मिथिलांचल को मखाना से पहचान मिली है। पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी मिथिलांचल सहित पूरे बिहार के विकास के लिए लगातार काम करते रहे हैं। वर्ष 2005 से पहले इस पूरे इलाके में डर का माहौल था। पटना से मिथिलांचल स्थित जयनगर और निर्मली पहुंचने में पहले 10 घंटे का समय लग जाता था। श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी एवं पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी के द्वारा मिथिलांचल में कराए गए विकास कार्यों के कारण ही यहां का पूरा परिदृश्य बदल गया है। इस इलाके में बड़ी संख्या में पुल-पुलियों एवं पथों का निर्माण कराया गया है। इस इलाके में रोड कनेक्टिविटी के अलावा रेल कनेक्टिविटी का काफी विस्तार हुआ है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2005-06 में बिहार से प्रति वर्ष हवाई यात्रा करनेवालों की संख्या मात्र 2.5 लाख के करीब थी, जो अब बढ़कर 50 लाख से अधिक हो गई है। अगले 5 वर्षों में बिहार में एयर कनेक्टिविटी को 10 गुना बढ़ाना हमारा लक्ष्य है। हम ऐसी व्यवस्था बना रहे हैं कि अगले पांच वर्षों में बिहार से 4 से 5 करोड़ लोग हवाई यात्रा कर सकें। पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी ने न सिर्फ बिहार में सड़कों का जाल बिछाने का काम किया बल्कि एयरपोर्ट का विस्तार करने की दिशा में भी काफी काम किया है। बिहार में एम्स स्थापित करने के लिए जमीन की व्यवस्था भी सुनिश्चित की। उनके इस काम को हमलोग और आगे बढ़ा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि दरभंगा का यह एयरपोर्ट मात्र एक स्थान नहीं है बल्कि यह मिथिलांचल के उत्पादों को दुनिया के मार्केट में पहुंचाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। अगले पांच वर्षों में राज्य सरकार यहां बंद पड़ी अशोक पेपर मिल की जगह नया उद्योग स्थापित करने की दिशा में काम करेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी जिलों में एयर ट्रैफिक का विस्तार करना है वह चाहे एयरपोर्ट के रूप में हो, एयर स्ट्रीप के रुप में हो या हेलीपोर्ट के रुप हो। मुजफ्फरपुर, रक्सौल, सहरसा और वीरपुर में एयरपोर्ट स्थापित करने के लिए टेंडर हो गया है। पूर्णिया एयरपोर्ट चालू हो चुका है। मुंगेर, अजगैबीनाथ, भागलपुर तथा बेगूसराय के एयरपोर्ट को भी हर हाल में चालू कराना है। अगले सप्ताह सिविल विमानन विभाग एवं भारत सरकार के अधिकारियों के साथ बैठक होनी है। दरभंगा एयरपोर्ट का नामकरण बाबा विद्यापति जी के नाम पर हो इसके लिए हम प्रधानमंत्री जी से आग्रह करेंगे। इस एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा बनाने का भी काम कराना है। दरभंगा और मिथिला बिहार का मिडिल प्वाइंट है।

उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी द्वारा जो विकास कार्य किए गए हैं उससे 3 गुना और अधिक विकास कार्य करना होगा तब ही बिहार विकसित होगा। किशनगंज जिले के पोठिया अंचल में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के क्षेत्रीय प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना के लिए बिहार सरकार ने 110 एकड़ भूमि दिया है। यदि और जमीन की आवश्यकता होगी तो उसे उपलब्ध कराया जायेगा। सरकार यह आश्वस्त करती है कि केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल को हर जरूरी सुविधा प्रदान की जायेगी। बिहार के लोगों की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है। बिहार के समृद्ध बने और सुरक्षित रहें, इसके लिए हमलोग हर प्रकार से काम कर रहे हैं।

कार्यक्रम को जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष सह सांसद संजय कुमार झा, सांसद गोपाल जी ठाकुर, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सह विधायक संजय सरावगी एवं केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के महानिदेशक प्रवीर रंजन ने भी संबोधित किया।

केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के जवानों ने मुख्यमंत्री के समक्ष अपने करतब का प्रदर्शन कर सीआईएसएफ की कार्य क्षमता एवं दक्षता प्रदर्शित किया। स्थानीय जनप्रतिनिधियों, नेताओं, सी०आई०एस०एफ० एवं जिला प्रशासन द्वारा मुख्यमंत्री को पुष्पगुच्छ, अंगवस्त्र, पाग प्रतीक चिन्ह एवं मखाना का माला पहनाकर स्वागत किया गया।

इस अवसर पर मद्य निषेध उत्पाद एवं निबंधन मंत्री मदन सहनी, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री डॉ० रामचंद्र प्रसाद, विधायक श्र

जीवेश कुमार, विधायक राजेश कुमार मंडल, विधायक विनय कुमार चौधरी, विधायक सुजीत कुमार, विधायक मुरारी मोहन झा, विधान पार्षद हरि सहनी, सहित कई उच्च अधिकारी एवं केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल से जुड़े जवान उपस्थित थे।

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