मंथन
बनेंगे तो मुख्यमंत्री नेता प्रतिपक्ष नामंजूर
(प्रमोद दत्त) ...............
लोकतांत्रिक संसदीय व्यवस्था में जितना महत्व सदन नेता (मुख्यमंत्री) का है , उससे कम महत्व नेता प्रतिपक्ष का भी नहीं है. सरकार...
जातीय जनगणना:राजद के घोषित आंदोलन पर कई सवाल
प्रमोद दत्त.
पटना.बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग से संबंधित सर्वदलीय फैसला जिस प्रकार आगे चलकर जदयू का एजेंडा बनकर रह गया...
खामोश रहे भाजपा के बिंदास शत्रु
(-मुकेश महान).....
भाजपा के ‘शत्रु’ मतलब शत्रुघ्न सिन्हा कहां रहे पूरे चुनाव भर. नेताओं का राजनीतिक उत्सव चुनाव वो भी गृह प्रदेश में और ऊपर...
दब गया विकास का एजेंडा
(प्रमोद दत्त) ...............
बिहार चुनाव की घोषणा से ठीक पहले नीतीश कुमार ने अपने मुख्यमंत्रित्वकाल की उपलब्धियों से संबंधित सात सूत्री एजोंडा बताया. उधर, प्रधानमंत्री...
कांग्रेस: यूपी का झटका,बिहार में खटका
प्रमोद दत्त.
पटना.यूपी में सपा और बसपा द्वारा दिए झटके से कांग्रेस बिहार के मामले में सतर्क है।महागठबंधन में सीटों के तालमेल के मुद्दे पर...
आनन्द मोहन:आगामी चुनावों को कितना करेंगें प्रभावित ?
प्रमोद दत्त.
पटना.1994 वैशाली लोकसभा के उपचुनाव में जीत के बाद 1995 विधान सभा के आमचुनाव में आनन्द मोहन अपनी राजनीतिक लोकप्रियता के शिखर पर...
भारत में प्रजातंत्र का भविष्य
वैशाली सिन्हा.
अधिकारों की असमानता तथा अवसरों की विषमता आन्दोलनों को जन्म देती है । इस प्रकार राजतंत्र तथा कुलीनतंत्र के ध्वंसावशेषों पर प्रजातंत्र राजनैतिक...
टूलकिट का टुच्चापन व पेंडेमिक में ‘गिद्ध-राजनीति’
राकेश प्रवीर.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की छवि धूमिल करने के लिए ' मोदी वैरिएंट' जैसे शब्दों के उपयोग के साथ देश के इमेज को ध्वस्त...
सपनों के सौदागर
(प्रमोद दत्त) ...............
बिहार में इनदिनों एक से एक सपने दिखाए जा रहे हैं.सपने दिखाकर मतदाताओं को लुभाने की कोशिश की जा रही है.कोई 1.25...
नीतीश के लिए महाविजय के मायने
(-मुकेश महान).....
एक बार, फिर से नीतीशे कुमार. बिहार में बहार, एक बार फिर नीतीश कुमार जैसे नारे जबर्दस्त सफल रहे इस विधान सभा चुनाव...
























