मंथन
बिहार चुनाव में राष्ट्रवाद
प्रमोद दत्त.
पटना.क्या बिहार विधान सभा के चुनाव में “ राष्ट्रवाद “ चुनावी मुद्दा बन सकता है? यह सवाल इसलिए उठाए जा रहे हैं क्योंकि...
खामोश रहे भाजपा के बिंदास शत्रु
(-मुकेश महान).....
भाजपा के ‘शत्रु’ मतलब शत्रुघ्न सिन्हा कहां रहे पूरे चुनाव भर. नेताओं का राजनीतिक उत्सव चुनाव वो भी गृह प्रदेश में और ऊपर...
कहां हैं वे लोग?
भगवती प्रसाद द्विवेदी.
बहुत तेजी से महानगरीय शक्ल अख्तियार करने को बेताब अपने शहर पटना के अंधाधुंध विकास से खुशी भी होती है औऱ कोफ्त...
जातीय जनगणना:राजद के घोषित आंदोलन पर कई सवाल
प्रमोद दत्त.
पटना.बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग से संबंधित सर्वदलीय फैसला जिस प्रकार आगे चलकर जदयू का एजेंडा बनकर रह गया...
सरल हिंदी,लोकप्रिय हिंदी
(प्रमोद दत्त) ...............
“अगर मुझे हिंदी नहीं आती तो मेरा क्या होता.मैं लोगों तक कैसे पहुंचता.किसी भाषा की ताकत क्या होती है, इसका मुझे अंदाजा...
आनन्द मोहन:आगामी चुनावों को कितना करेंगें प्रभावित ?
प्रमोद दत्त.
पटना.1994 वैशाली लोकसभा के उपचुनाव में जीत के बाद 1995 विधान सभा के आमचुनाव में आनन्द मोहन अपनी राजनीतिक लोकप्रियता के शिखर पर...
तेजस्वी कर रहे हैं जनादेश का अपमान
प्रमोद दत्त.
पटना.महागठबंधन से रिश्ता तोड़कर भाजपा के साथ सरकार बनाने पर नीतीश कुमार पर जनादेश का आरोप लगाने वाले प्रतिपक्ष के नेता तेजस्वी यादव...
निशाने पर पत्रकार,खतरे में पत्रकारिता
प्रमोद दत्त.
पहले झारखंड में फिर बिहार में पत्रकार की हुई हत्या पर पत्रकारिता जगत आक्रोश में है.विपक्ष भी राजनीतिक रोटी सेंकने में लगा है.यही...
भाजपा के विजयोत्सव ने गैरभाजपाइयों की बढाई बेचैनी
प्रमोद दत्त.
पटना.आजादी के 75वें वर्ष में अमृत महोत्सव मनाए जाने के क्रम में प्रथम स्वतंत्रता आंदोलन के सेनानी बाबू वीर कुंवर सिंह को याद...
क्या धुल गया 84 दंगे का कलंक ?
प्रमोद दत्त.
पटना में गुरूगोविंद सिंह के 350वें प्रकाशोत्सव के भव्य आयोजन ने देश-विदेश के सिखों का दिल जीत लिया.आम हो या खास- सबने एक...
























