मंथन
फिर उसी दोराहे पर बिहार
प्रमोद दत्त.पटना.बिहार की राजनीति एक बार फिर उसी दोराहे पर खड़ी हो गई है.कभी नरेन्द्र मोदी के पीएम उम्मीदवार घोषित किए जाने पर नीतीश...
अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर मंडराते खतरे
डॉ नीतू नवगीत.
गजानंद माधव मुक्तिबोध का जन्म 1917 इसवी में हुआ था, इस तरह वर्ष 2017 मुक्तिबोध का जन्म शताब्दी वर्ष है । स्वतंत्रता...
टूलकिट का टुच्चापन व पेंडेमिक में ‘गिद्ध-राजनीति’
राकेश प्रवीर.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की छवि धूमिल करने के लिए ' मोदी वैरिएंट' जैसे शब्दों के उपयोग के साथ देश के इमेज को ध्वस्त...
खामोश रहे भाजपा के बिंदास शत्रु
(-मुकेश महान).....
भाजपा के ‘शत्रु’ मतलब शत्रुघ्न सिन्हा कहां रहे पूरे चुनाव भर. नेताओं का राजनीतिक उत्सव चुनाव वो भी गृह प्रदेश में और ऊपर...
चुनाव में प्रलोभन ही क्यों-प्लान क्यों नहीं ?
प्रमोद दत्त.
पटना. बिहार विभाजन (झारखंड गठन) के बाद बिहार को नए सिरे से सवांरने की जिस प्लानिंग की जरूरत थी वह प्लान किसी राजनीतिक...
स्वच्छता संस्कार है,पुरस्कार भी
डॉ नीतू नवगीत.
स्वच्छता जिंदगी जीने का एक विशिष्ट नजरिया है । राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने कहा था यदि स्वच्छता और स्वतंत्रता में से एक...
मुख्यमंत्री का चुनावी भाषण ?
प्रमोद दत्त.
पटना.स्वतंत्रता दिवस के मौके पर गांधी मैदान के मुख्य समारोह में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के संबोधन को चुनावी शंखनाद कहा जा रहा है.उन्होंने...
सरल हिंदी,लोकप्रिय हिंदी
(प्रमोद दत्त) ...............
“अगर मुझे हिंदी नहीं आती तो मेरा क्या होता.मैं लोगों तक कैसे पहुंचता.किसी भाषा की ताकत क्या होती है, इसका मुझे अंदाजा...
बिहार:भगवाकरण की ऐसी है तैयारी
प्रमोद दत्त.
पटना. बड़े भाई से छोटे भाई की भूमिका में आए नीतीश कुमार असहज महसूस करने लगे हैं.बड़े भाई की भूमिका में आए भाजपा...
कहां हैं वे लोग?
भगवती प्रसाद द्विवेदी.
बहुत तेजी से महानगरीय शक्ल अख्तियार करने को बेताब अपने शहर पटना के अंधाधुंध विकास से खुशी भी होती है औऱ कोफ्त...

























