पड़ताल
सभी किसान परिवारों तक नहीं पहुंच रहा है किसान सम्मान
डॉo सत्यवान सौरभ.
प्रधानमंत्री किसान निधि (पीएम-केएसएएन) भारत सरकार की पहली सार्वभौमिक बुनियादी आय-प्रदान करने की योजना है, जो भूमि पर आधारित किसानों के लिए काफी...
नोटबंदी के कारण मौत,कितना सच-कितना झूठ
अरुण साथी.
नोटबंदी ने एक बार फिर पत्रकारिता को कठघरे में खड़ा कर दिया है। अंधभक्ति और अंधविरोध। चैनल पे यही दिखता है। ग्रामीण रिपोर्टर...
दियारा का दर्द,कभी बाढ तो कभी आग
निशिकांत सिंह.पटना.पटना, सारण एवं वैशाली जिला में बहुत ज्यादा घनी अबादी दियारा क्षेत्र की है. दियारा के लोगों पर हर वर्ष आपदाऐं आती है....
राजद के “माई” के निशाने पर नीतीश कुमार
चंदन.पटना.बिहार में महागठबंधन सरकार की मुश्किलें कम नहीं होने का नाम नहीं ले रही हैं। राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार धर्मनिरपेक्षता व सुशासन की...
नीलगाय से बढती बर्बादी,किसानों का त्राहिमाम
अनूप नारायण सिंह.पटना.कभी बिहार के दियारा इलाके में इक्का-दुक्का की संख्या में गाहे-बगाहे नजर आने वाली नीलगायों की संख्या में अचानक काफी वृद्धि हुई...
एकल सिनेमा घरों की जगह समय की मांग है मल्टीप्लेक्स
धनंजय कुमार.
बदलते वक्त के साथ शहर बदले, शहरों की आबादी बदली, जेबों का वजन बदला और सिनेमाघर भी बदले. एकल सिनेमाघर (सिंगल थियेटर) की...
लालू-शहाबुद्दीन फोन-टेप प्रकरण,किसकी साजिश ?
निशिकांत सिंह.पटना.राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद और राजद के पूर्व सांसद व बाहुबली शहाबुद्दीन के बीच बातचीत से संबंधित फोन टेप के सामने आने के...
बाढ़ नियंत्रण के बदले अब किया जायेगा बाढ़ प्रबंधन
दिनेश मिश्रा.
आज़ाद भारत में बिहार में 1948 में आयी पहली बाढ़ पर बहस चल रही थी. तब दीप नारायण सिंह सिंचाई मंत्री थे। उनका...
कम्युनिस्ट आखिर बटे कैसे:निशाना कहीं,निगाहें कहीं
के. विक्रम राव.
भारत की कम्युनिस्ट पार्टी के विभाजन की हीरक जयंती अगले वर्ष होगी। टूटी थी 11 अप्रैल 1964, शनिवार के दिन। कल 59वीं...
खौफजदा हैं बिहार में वर्दीवाले
अमिताभ ओझा.पटना.आखिर हो भी क्यों नहीं... जब एक नहीं.. दो नहीं.. सात सात पुलिस पदाधिकारियों की हत्या हो जाए।जिन पर आम लोगो की सुरक्षा...

























