पड़ताल
बाढ़ नियंत्रण के बदले अब किया जायेगा बाढ़ प्रबंधन
दिनेश मिश्रा.
आज़ाद भारत में बिहार में 1948 में आयी पहली बाढ़ पर बहस चल रही थी. तब दीप नारायण सिंह सिंचाई मंत्री थे। उनका...
मजदूरों के गुनाहगार और भी हैं…?
राकेश प्रवीर.
क्या सिर्फ गरीब, दिहाड़ी मजदूर ही समस्याग्रस्त है? क्या और किसी कामगार वर्ग पर लॉकडाउन का प्रभाव नहीं पड़ा है? ऐसा नहीं है...
खौफजदा हैं बिहार में वर्दीवाले
अमिताभ ओझा.पटना.आखिर हो भी क्यों नहीं... जब एक नहीं.. दो नहीं.. सात सात पुलिस पदाधिकारियों की हत्या हो जाए।जिन पर आम लोगो की सुरक्षा...
जानें…झारखंड के आदिवासी बाहुल दामूडीह की बेमिसाल कहानी
हिमांशु शेखर.रांची. झारखंड के पूर्वी सिंहभूम के पोटका प्रखंड का दामूडीह गांव जनजाति बाहुल गांव है, बावजूद वहां शराब पीने वाले को न केवल...
पंद्रह वर्षों बाद फल्गु का रौद्र रूप,मगध में मचाई तबाही
निशिकांत सिंह.साल भर सुखी रहने वाली फल्गु नदी पंद्रह साल बाद मचा रही तबाही. दो दिनों से बिहार के मगध प्रमंडल क्षेत्र में खासकर...
खगौल का बदहाल रंगमंच,प्रेक्षागृह को बनाया सामुदायिक भवन
सुधीर मधुकर.खगौल. प्रेक्षागृह और सुविधाओं के आभाव में स्थानीय करीब एक दर्जन से अधिक नाट्य संस्थाओं की गतिविधियाँ ठप्प है | साथ ही करीब 100 से...
शेरशाह का मकबरा,गौरवशाली धरोहर की उपेक्षा
के. विक्रम राव.
भारत का दूसरा ताजमहल कहलानेवाला बादशाह शेरशाह सूरी का मकबरा देश का बड़ा कतवारघर बन रहा है। यदि शीघ्र सासाराम नगर पालिका...
एकल सिनेमा घरों की जगह समय की मांग है मल्टीप्लेक्स
धनंजय कुमार.
बदलते वक्त के साथ शहर बदले, शहरों की आबादी बदली, जेबों का वजन बदला और सिनेमाघर भी बदले. एकल सिनेमाघर (सिंगल थियेटर) की...
शोध भी जरुरी है मोदी विरोध के साथ-साथ
डॉ. सत्यवान सौरभ.
विपक्षी दलों को भी एक महागठबंधन बनाकर कोरोना के विरुद्ध युद्ध का बिगुल फूंकना चाहिए ताकि उनकी देश भक्ति रंग लाये.राज्य सरकारों...
अब्दुल क्यूम अंसारी के नाम पर हुई सिर्फ राजनीति
मो.तसलिम उल हक.
शाहाबाद क्षेत्र के डिहरी निवासी अब्दुल क्यूम अंसारी किसी के परिचय के मोहताज़ नहीं है। मौलाना आज़ाद के साथ भारत -पाकिस्तान बंटवारा...
























