पड़ताल

गरीब बिहार में उपेक्षित है कीमती खनिज भंडार

मो. तसलीम उल हक.डिहरी-ओन-सोन. सन 1960 में स्थापित, एक भारतीय उपक्रम पीपीसीएल अमझोर। जो करोड़ों रूपये की विदेशी मुद्रा की बचत देती थी और...

खगौल का बदहाल रंगमंच,प्रेक्षागृह को बनाया सामुदायिक भवन

सुधीर मधुकर.खगौल. प्रेक्षागृह और सुविधाओं के आभाव में स्थानीय करीब एक दर्जन से अधिक नाट्य संस्थाओं की गतिविधियाँ ठप्प है | साथ ही करीब 100 से...

बिहार सरकार में जब नहीं गली दाल,तो आ गए बीसीए को...

मोहन कुमार.  किसी भी व्यक्ति के द्वारा पूर्व में किए गये कार्य उसके व्यक्तित्व और कृतित्व का आधार माना जाता है, बीसीए के अध्यक्ष राकेश...

चुनाव में दिखेगा जाली नोटों का जलवा

रिंकू पाण्डेय,पटना. क्राइम व कास्ट के लिए मशहूर बिहार चुनाव में इस बार जाली नोटो का जलवा भी दिखेगा. भारत के किसी राज्य में चुनाव...

पटना की नई पहचान-सभ्यता द्वार

अनूप नारायण सिंह. पटना.मुंबई के गेटवे ऑफ इंडिया और नई दिल्ली के इंडिया गेट की तर्ज पर पटना में गंगा के तट पर सभ्यता द्वार...

नोटबंदी के कारण मौत,कितना सच-कितना झूठ

अरुण साथी. नोटबंदी ने एक बार फिर पत्रकारिता को कठघरे में खड़ा कर दिया है। अंधभक्ति और अंधविरोध। चैनल पे यही दिखता है। ग्रामीण रिपोर्टर...

नए अवतार में नटवरलाल,बिहार में बच्चों को कर रहे हैं शिक्षित

प्रमोद दत्त. बिहार के बहुचर्चित नटवरलाल अब नए अवतार में सक्रिय हैं.बिहार के प्रारम्भिक स्कूलों में बतौर शिक्षक वे बच्चों को शिक्षित कर रहे हैं.चर्चित...

सहम गया है सीवान..एक ही चर्चा..अब किसकी बारी ?

अमर चन्द्र सोनू.सीवान.शहाबुद्दीन के जेल से रिहा होने से बिहार की राजनीति गरमानी तो तय ही थी. इसमें कुछ भी नया नहीं है.... नया...

सियासत में डर भ्रष्टाचार, वादा खिलाफी से नहीं बल्कि ईमानदारी से...

आलोक नंदन शर्मा जरूरी नहीं है कि गलती करके ही सीखा जाए। विगत की घटनाओं से सबक लेने से व्यक्ति वर्तमान में तो गलती करने...

कम्युनिस्ट आखिर बटे कैसे:निशाना कहीं,निगाहें कहीं

के. विक्रम राव. भारत की कम्युनिस्ट पार्टी के विभाजन की हीरक जयंती अगले वर्ष होगी। टूटी थी 11 अप्रैल 1964, शनिवार के दिन। कल 59वीं...
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