पड़ताल

प्रेस पर प्रेशर कितना ? तब और अब !

के. विक्रम राव. कई दफा सुना। बहुत बार पढ़ा भी। अब मितली सी होने लगती है। वितृष्णा और जुगुप्सा भी। कथित जनवादी, प्रगतिशालि, अर्थात वामपंथी...

सोनिया… और कितने दिन ?

के. विक्रम राव. वामपंथी, सोनिया—प्रशंसक अंग्रेजी दैनिक ''दि हिन्दू'' में आज (12 मई 2021) कार्टूनिस्ट सुरेन्द्र ने एक चित्र रेखांकित किया है। कांग्रेस कार्य समिति...

पंद्रह वर्षों बाद फल्गु का रौद्र रूप,मगध में मचाई तबाही

निशिकांत सिंह.साल भर सुखी रहने वाली फल्गु नदी पंद्रह साल बाद मचा रही तबाही. दो दिनों से बिहार के मगध प्रमंडल क्षेत्र में खासकर...

शेरशाह का मकबरा,गौरवशाली धरोहर की उपेक्षा

के. विक्रम राव. भारत का दूसरा ताजमहल कहलानेवाला बादशाह शेरशाह सूरी का मकबरा देश का बड़ा कतवारघर बन रहा है। यदि शीघ्र सासाराम नगर पालिका...

नेट मीडिया पर चुनाव आयोग की रही पैनी नजर

आलोक नंदन,पटना.संचार क्रांति ने दुनिया की सूरत तब्दील कर दी है. राजनीति भी इससे अछूती नहीं है. माइक्रोब्लाग की छोटी-छोटी बातें टीवी चैनलों और...

राज्य में सक्रिय नक्सली, पुलिस पर कितने भारी?

निशिकांत सिंह.पटना.बिहार के नक्सली भी अत्याधुनिक हथियारों से लैस हो रहे हैं. अभी हाल में औरंगाबाद में नक्सली मुठभेड़ के बाद कई ऐसे तथ्य...

चावल घोटाला-2, धान खरीद और मिलिंग में मिलीभगत का खेल

राकेश प्रवीर. पटना। बिहार में धान खरीद का खेल भी नायाब है। यहां धान की खरीद पैक्स, व्यापार मंडल और बिहार राज्य खाद्य निगम के क्रय...

दिसम्बर तक कैशलेस झारखंड बनाना सरकार के सामने चुनौती

हिमांशु शेखर.रांची. नोटबंदी के बाद भ्रष्टाचार व कालाधन के दुष्प्रभाव से निबटने के लिए  झारखंड सरकार भी केन्द्र के साथ कदमताल करते हुए झारखंड...

भ्रष्टाचार के पर्याय लालू,फिर भी मिलते हैं वोट…जाने क्या है राज...

जे.एन.ठाकुर उस दौर में मीडिया और लोगों के बीच धारणा बनी थी कि लालू यादव भ्रष्ट हैं और 1990-2005 के बीच बिहार में उनकी वजह...

गरीब बिहार में उपेक्षित है कीमती खनिज भंडार

मो. तसलीम उल हक.डिहरी-ओन-सोन. सन 1960 में स्थापित, एक भारतीय उपक्रम पीपीसीएल अमझोर। जो करोड़ों रूपये की विदेशी मुद्रा की बचत देती थी और...
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