सीमावर्ती क्षेत्रों में घुसपैठ एवं संदिग्ध गतिविधियों की समीक्षा

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समाचार सार:-भारत-नेपाल की सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिये सभी एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय और निरंतर निगरानी आवश्यक।
भारत-नेपाल सीमा की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए एसएसबी, बिहार पुलिस एवं केंद्रीय एजेंसियां आपस में समन्वय बनाकर कार्य करें।बैठक में नेपाल सीमा पर होने वाली अवैध घुसपैठ और फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल पर प्रभावी रोक लगाने पर जोर।गैर-पंजीकृत धार्मिक स्थलों की पहचान कर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश।

संवाददाता।पटना।मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में भारत- नेपाल सीमा से जुड़े विभिन्न विषयों की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय एवं उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी भी शामिल हुये।

बैठक में सीमा सुरक्षा, सीमा प्रबंधन, सीमावर्ती क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था तथा अवैध गतिविधियों की रोकथाम से संबंधित विषयों पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया।

समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च जिम्मेदारी है। भारत-नेपाल सीमा की संवेदनशीलता को देखते हुए सीमा सुरक्षा एवं प्रबंधन व्यवस्था को लगातार सुदृढ़ किया जा रहा है। सीमा क्षेत्र में किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करने के लिये एसएसबी, बिहार पुलिस और केंद्रीय एजेंसियां आपसी समन्वय के साथ कार्य करें।

उन्होंने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में घुसपैठ,फर्जी दस्तावेजों, नकली मुद्रा, मादक पदार्थों की तस्करी एवं अन्य आपराधिक गतिविधियों पर विशेष निगरानी रखा जाय। सीमावर्ती बैंकों में नकली नोटों की पहचान के लिए आवश्यक मशीनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ-साथ संदिग्ध वित्तीय लेन-देन एवं फर्जी अथवा संदिग्ध बैंक खातों की पहचान कर नियमानुसार कार्रवाई हो। केंद्र सरकार के ‘नशा मुक्त भारत 2029’ के लक्ष्य के अनुरूप मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करें ताकि सीमा क्षेत्र से नशीले पदार्थों की आवाजाही रोकी जा सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमावर्ती जिलों के जिलाधिकारी एवं पुलिस अधिकारियों की केंद्रीय सुरक्षा एवं जांच एजेंसियों के साथ नियमित मासिक समन्वय बैठक हो। सीमावर्ती क्षेत्रों में गैर-पंजीकृत धार्मिक स्थलों की पहचान कर प्रचलित कानून एवं नियमों के अनुसार आवश्यक कार्रवाई करें। सीमावर्ती क्षेत्रों में शिक्षा की बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करायी जाय।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमा सुरक्षा को प्रभावी बनाने के लिए सभी संबंधित एजेंसियां सतर्कता, सूचना-साझाकरण और समन्वित कार्रवाई के साथ कार्य करें। संवेदनशील क्षेत्रों में सूचना तंत्र को मजबूत रखते हुए किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर त्वरित एवं नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, पुलिस महानिदेशक प्रीता वर्मा, गृह विभाग के प्रधान सचिव पंकज कुमार, पुलिस महानिदेशक, स्पेशल ब्रांच कुंदन कृष्णन, विभिन्न विभागों के अपर मुख्य सचिव/ प्रधान सचिव / सचिव, मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह, अन्य वरीय पुलिस पदाधिकारीगण एवं संबंधित केन्द्रीय एजेंसियों के वरीय पदाधिकारी उपस्थित थे जबकि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सीमावर्ती जिलों के जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक जुड़े हुये थे।

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