समाचार सार:- बेटियां आत्मनिर्भर होंगी और राष्ट्रीय स्तर पर बनाएगी पहचान।बिहटा के सिंकदरपुर में 99.97 करोड़ रूपये से 4 एकड़ में राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थान का सीएम ने किया शिलान्यास। कौशल विकास का उद्देश्य युवाओं को केवल रोजगार पाने वाला नहीं, बल्कि रोजगार सृजित करने वाला बनाना है।
संवाददाता।पटना। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बिहटा के सिंकदरपुर में राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थान (महिला), पटना के स्थाई परिसर का शिलान्यास किया।
गुरुवार को इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुये मुख्यमंत्री ने कहा कि बहुत खुशी की बात है कि आज राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थान (महिला), का सिकंदरपुर, बिहटा में शिलान्यास किया गया है। कार्यक्रम स्थल पर मुझे भी उपस्थित होना था लेकिन खराब मौसम के कारण वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़ा हूँ। बिहार की बेटियों के लिये कौशल विकास प्रशिक्षण का एक नया अध्याय शुरू हो रहा है। आज बिहारवासियों के लिये महत्वपूर्ण दिन है।
उन्होंने कहा कि कौशल विकास से बिहार की बेटियां हुनरमंद होंगी, आत्मनिर्भर होंगी और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनायेंगी। आज का शिलान्यास कार्यक्रम सिर्फ भवन का निर्माण नहीं बल्कि बिहार की प्रतिभाओं को आगे बढ़ने, आत्मनिर्भर बनने तथा आत्मविश्वास का अवसर उपलब्ध करायेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कौशल विकास ही समृद्ध बिहार की मजबूत नींव है। युवाओं, विशेषकर महिलाओं को आधुनिक तकनीकी कौशल से सशक्त बनाकर ही समृद्ध बिहार और विकसित भारत के संकल्प को साकार किया जा सकता है। प्रधानमंत्री आदरणीय नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में देश में कौशल विकास को नई गति मिली है। महिलायें आगे बढ़ रही हैं।
महिलाओं को सक्षम बनाने के लिये प्रधानमंत्री आदरणीय नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में कई कार्य किये जा रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री आदरणीय नीतीश कुमार जी ने बिहार में महिलाओं को आगे बढ़ाने के लिये कई कार्य किये हैं।
उन्होंने कहा कि भारत रत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर जी के नाम पर जननायक कर्पूरी ठाकुर कौशल विश्वविद्यालय का निर्माण कराया जा रहा है। राज्य सरकार युवाओं को गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण, तकनीकी शिक्षा तथा रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में राज्य में लगभग 1,500 कौशल प्रशिक्षण केंद्र संचालित हैं। लगभग 12 लाख युवाओ को प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। अभी 1 लाख 38 हजार युवा प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। युवाओं को उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में 38 इंजीनियरिंग कॉलेज तथा 46 पॉलिटेक्निक संस्थान कार्यरत हैं। बिहार के सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज मात्र 10 रूपये के शुल्क पर गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा उपलब्ध करा रहे हैं। पॉलिटेक्निक संस्थान में मात्र 5 रूपये के शुल्क पर बच्चों को पढ़ाया जा रहा है। इससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों को भी उच्च तकनीकी शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिल रहा है तथा राज्य में कुशल मानव संसाधन तैयार हो रहा है। इंजीनियरिंग कॉलेज एवं पॉलिटेक्निक संस्थानों में लैंग्वेज लैब की भी स्थापना की गयी है, जहां छात्र जापानी, जर्मन, फ्रेंच आदि भाषायें सीख रहे हैं। उन्होंने कहा कि कौशल विकास का उद्देश्य केवल युवाओं को नौकरी के लिए तैयार करना नहीं है, बल्कि उन्हें ऐसा सक्षम बनाना है कि वे स्वयं उद्यम स्थापित कर दूसरों के लिए भी रोजगार के अवसर सृजित करें।
मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थान (महिला), पटना का स्थायी परिसर महिलाओं के कौशल विकास, आत्मनिर्भरता और आर्थिक सशक्तिकरण का एक प्रमुख केंद्र बनेगा तथा समृद्ध बिहार के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। प्रधानमंत्री जी ने स्किल इंडिया मिशन की शुरूआत की और इसके लिये उन्होंने अलग मंत्रालय बनाया। वर्ष 2047 तक प्रधानमंत्री के विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने में देश के स्किल्ड युवा महत्वपूर्ण भूमिका निभायेंगे। पूर्व मुख्यमंत्री आदरणीय नीतीश कुमार जी के समृद्ध बिहार के सपने को पूरा करने के लिये बिहार के युवा संकल्पित हैं।
उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य के लिये प्रशिक्षण कार्यक्रम काफी महत्वपूर्ण साबित होगा। बिहार की बहनें, बेटियां स्किल्ड होकर देश को आगे बढ़ायेंगी। कार्यक्रम के दौरान बिहार सरकार और भारत सरकार के कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय के बीच स्किल इंडिया इंटरनेशनल सेंटर (SIIC) की स्थापना के लिए समझौता ज्ञापन (एम०ओ०यू०) पर हस्ताक्षर और आदान-प्रदान भी किया गया।

इसे बिहार के युवाओं को अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप कौशल प्रशिक्षण देकर विदेशों में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थान (महिला) की स्थापना का उद्देश्य राज्य की युवतियों को आधुनिक तकनीकी एवं व्यावसायिक प्रशिक्षण देकर उन्हें हुनरमंद और रोजगार योग्य बनाना है। अब तक बिहार की अनेक युवतियों को ऐसे प्रशिक्षण के लिए दूसरे राज्यों का रुख करना पड़ता था, लेकिन संस्थान के स्थायी परिसर के निर्माण के बाद उन्हें अपने ही राज्य में गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण उपलब्ध होगा। संस्थान के निर्माण के लिए बिहार सरकार ने चार एकड़ भूमि निःशुल्क उपलब्ध कराई है, जबकि भवन निर्माण पर करीब 99.97 करोड़ रुपये की लागत आएगी।
कार्यक्रम के दौरान केन्द्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), कौशल विकास और उद्यमशीलता विभाग, जयंत चौधरी का संदेश भी सुनाया गया।कार्यक्रम के दौरान बिहटा के सिंकदरपुर में राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थान (महिला), पटना के स्थाई परिसर के निर्माण कार्य से संबंधित एक वीडियो फिल्म दिखायी गयी।
इस अवसर पर युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग के मंत्री अरूण शंकर प्रसाद, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह सहित अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित थे।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रशिक्षण निदेशालय कौशल विकास एवं उद्यमशीलता मंत्रालय, भारत सरकार के महानिदेशक दिलीप कुमार, युवा, रोजगार एवं कौशल विकास, बिहार के सचिव कौशल किशोर, कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय, भारत सरकार के निदेशक हरिकेश मीणा एवं नियोजन एवं प्रशिक्षण विभाग, बिहार के निदेशक सुनील कुमार सहित अन्य केन्द्र सरकार एवं राज्य सरकार के वरीय पदाधिकारीगण, गणमान्य व्यक्ति एवं विद्यार्थीगण जुड़े थे।
















