संवाददाता।पटना।भारत की माननीया राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने स्किल द नेशन चैलेंज की घोषणा करते हुए नागरिकों, शिक्षकों, नीति-निर्माताओं, प्रोफेशनल्स और युवाओं से स्किल इंडिया डिजिटल हब (सिद्ध) पर उपलब्ध स्किलिंग फॉर एआई रेडीनेस कोर्स में नामांकन कर एआई लर्निंग अभियान से जुड़ने का आह्वान किया।
उन्होंने इसे एआई के क्षेत्र में भविष्य के लिए तैयार क्षमताओं को विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
माननीया राष्ट्रपति ने इस पहल को आर्टिफिशियल इंटेलीजेन्स के क्षेत्र में भविष्य के लिए तैयार क्षमताओं से देश को सशक्त बनाने तथा तकनीकी रूप से सशक्त और समावेशी समाज की दिशा में भारत की यात्रा को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
केन्द्रीय मंत्री जयन्त चौधरी ने कहा कि भारत का फ्यूचर वर्कफोर्स केवल डिजिटल रूप से जागरूक ही नहीं बल्कि एआई के प्रति आत्मविश्वासी भी होना चाहिए। स्किल द नेशन चैलेंज के माध्यम से हम हर नागरिक को सीखने के लिए प्रेरित करना चाहते हैं और उन्हें एआई-सक्षम भविष्य के लिए तैयार करना चाहते हैं। स्किलिंग फॉर एआई रेडीनेस केवल एक कौशल विकास कार्यक्रम नहीं है; यह एआई में आत्मविश्वास, क्षमता और जिज्ञासा बनाने का एक राष्ट्रीय मिशन है, ताकि हर शिक्षार्थी चाहे वह कहीं भी हो, इस तकनीक से लाभ प्राप्त कर सके और राष्ट्र की विकास यात्रा में योगदान दे सके।















