हीमोफीलिया के रोगियों ने किया बिहार का नाम रौशन

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संवाददाता.पटना.हीमोफीलिया के तीन रोगियों ने स्वास्थ्य संबंधी विपरीत परिस्थितियों को झेलते हुए एक वर्ष में ही मेडिकल प्रवेश परीक्षा में सफलता प्राप्त की है.भारत का पहला राज्य बिहार है जहां से एक वर्ष में तीन हीमोफीलिया के रोगियों ने एमबीबीएस में सरकारी मेडिकल कॉलेज में नामांकन कराया है.

आदर्श भारद्वाज(पटना),राहुल पाठक(सीतामढी) एवं आशीष कुमार (दरभंगा) ने यह सफलता पाई है.तीनों छात्र सामान्य परिवार से आते हैं.हीमोफीलिया मुक्त इन छात्रों ने मेडिकल प्रवेश परीक्षा में उतीर्ण होकर यह साबित कर दिया है कि यदि हौसले बुलंद हो तो सफलता मिलती ही है.हीमोफीलिया के कारण स्कूल में अक्सर अनुपस्थित रहना,रक्तस्राव के कारण विछावन पर पड़े रहना-इनकी पढाई में बाधक रही है.इन छात्रों का उद्देश्य डॉक्टर बनकर हीमोफीलिया रोगियों का समुचित इलाज करना है.

उल्लेखनीय है कि इनलोगों की सफलता में हीमोफीलिया सोसाईटी एवं परिवार द्वारा दिया गया मार्गदर्शन एवं प्रोत्साहन प्रमुख भूमिका रही है.हीमोफीलिया सोसाईटी पटना चेप्टर के सचिव कुमार शैलेन्द्र बताते हैं कि बिहार में हीमोफीलिया की दवा 2007 से ही मुफ्त उपलब्ध कराई जा रही है.रोगी के रक्तस्राव होने पर तुरंत दवा उपलब्ध करा दी जाती है.

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