डेंगू की स्थिति में सुधार एवं नियंत्रण में -अश्विनी कुमार चौबे

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संवाददाता.पटना. बाढ़ राहत में लगी केंद्रीय टीमों, एजेंसियों और राज्य स्वास्थ समिति के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक के बाद केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने बताया कि केंद्र और राज्य की  स्वास्थ्य टीमें लगातार प्रभावित क्षेत्रों का भ्रमण कर रही है और जरूरत के अनुसार  बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करा  रही हैं। ऐसी कोई महामारी या भयावह स्थिति अभी तक जांच टीम ने नहीं पाया है।

राजकीय अतिथिशाला में मंगलवार को मीडिया से बात करते हुए केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे ने बताया कि आज पीएमसीएच में डेंगू वार्ड एवं निर्माणाधीन सुपर स्पेशलिटी अस्पताल भवन का निरीक्षण कर जानकारी हासिल की और समुचित इलाज हेतु आवश्यक निर्देश दिया। इस दौरान अस्पताल में उपस्थित लगभग सभी मरीजो से मैं स्वयं मिला।  ऐसी कोई भयानक स्थिति या महामारी की आशंका बिलकुल नही है।

उन्होंने कहा कि अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक में  पाया की डेंगू से संबंधित एडीज मच्छर का लार्वा का सूचकांक के लिए केंद्रीय टीम तथा राजेंद्र मेमोरियल रिसर्च इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज द्वारा 1751 घरों की जांच की गई उनमें से 327 घरों में एडीज का लार्वा पाया गया। उन घरों में जमा पानी वाले 8300 बर्तनों की जांच की गई तथा पाया गया कि 565 बर्तनों में लार्वा मिला। ऐसी बर्तनों में टेमीफास  डालकर उसे मारा गया।  जो लार्वा ब्रू टू सूचकांक 44℅ था,वह घटकर 32% तक आ गया है।  इस कारण से डेंगू के प्रकोप से लोगों को बचाया जा सका है। विशेषज्ञों की टीम के अनुसार 50 ℅ से अधिक होने पर ही इसको चिंता का विषय माना जाता है।

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्यमंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने पीएमसीएच परिसर में बन रहे सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के निर्माण कार्य का निरीक्षण किया और इस दौरान उन्होंने इसके धीमी प्रगति पर अफसोस व्यक्त करते हुए अधिकारियों को डांट फटकार लगाई। श्री चौबे ने अस्पताल प्रशासन के अधिकारियों, सीपीडब्ल्यूडी के कार्यकारी अभियंता चंदन कुमार और निर्माण करने वाली सीके कंस्ट्रक्शन कंपनी के जीएम नंदकिशोर को धीमी प्रगति पर डांट फटकार लगाते हुए काम को नियत समय पर शीघ्र करने का निर्देश दिया और ऐसा नहीं करने पर आवश्यक दंडात्मक कदम उठाने की बात भी कही।

केंद्रीय मंत्री श्री चौबे ने बताया कि केंद्र  और राज्य सरकार की स्वास्थ्य टीमों द्वारा घर-घर ब्लीचिंग पाउडर एवं हेलोजैन टेबलेट का वितरण किया जा रहा है। अभी तक पटना में 32000 घरों में ब्लीचिंग पाउडर एवं 25 टैबलेट प्रति घरों में दिया गया है। एक टेबलेट से 20 लीटर अशुद्ध पानी को पीने योग्य बनाया जा सकता है।  भागलपुर में भी 45300 हेलो जैन टेबलेट भेजा गया है। भागलपुर में भी एक केंद्रीय टीम मेंरे निर्देश पर भेजा गया है और जब तक सरकार चाहेगी वह कार्यरत रहेगी।

उन्होंने बताया कि मेरे निर्देश पर पटना में केंद्रीय सरकार स्वास्थ्य योजना (सीजीएचएस) की दो टीमों का गठन किया गया है जिसने बाढ़ राहत सहायता में बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया।उन्होंने बताया कि 4 अक्टूबर 2019 को बाढ़ राहत से संबंधित बैठक के बाद मैंने निर्देश दिया था कि एम्स पटना 11 स्थानों पर स्वास्थ्य शिविर लगाएगी और आर एम आर आई 6 स्थानों पर स्वास्थ्य शिविर लगाएगी। ये  स्वास्थ्य शिविरों बिहार राज्य के स्वास्थ्य शिविरों के अतिरिक्त है। निदेशक, आर एम आर आई डॉक्टर प्रदीप दास के अनुसार 2422 रोगियों की जांच विभिन्न शिविरों में की गई जिसमें 218 डेंगू के और 145 चिकनगुनिया के मरीज पाए गए जिनके समुचित इलाज की व्यवस्था की गई।

उन्होंने बताय कि लोगों को जागरूक करने के लिए व्यापक रूप से प्रचार की जरूरत है जो केंद्र सरकार कर रही है। इनमें मीडिया कर्मियों की भूमिका  महत्वपूर्ण है। केंद्र और राज्य का के संस्थानों में कार्यरत संविदा एवं आउटसोर्सिंग आधार पर कार्यरत्त कर्मचारियों द्वारा दी गई सेवा को सराहनीय बताया। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के सभी कर्मियों का दशहरा की छुट्टी रद्द कर  सेवा करना सराहनीय है।

 

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