मंथन
टूलकिट का टुच्चापन व पेंडेमिक में ‘गिद्ध-राजनीति’
राकेश प्रवीर.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की छवि धूमिल करने के लिए ' मोदी वैरिएंट' जैसे शब्दों के उपयोग के साथ देश के इमेज को ध्वस्त...
चुनाव में प्रलोभन ही क्यों-प्लान क्यों नहीं ?
प्रमोद दत्त.
पटना. बिहार विभाजन (झारखंड गठन) के बाद बिहार को नए सिरे से सवांरने की जिस प्लानिंग की जरूरत थी वह प्लान किसी राजनीतिक...
लालू हुए सक्रिय,राजद को टॉनिक…क्या हो सकता है आगे?
प्रमोद दत्त.
पटना.दिल्ली में इलाज और स्वास्थ्य लाभ कर रहे राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद पार्टी में नया जान फूंकने के लिए सक्रिय हो गए हैं.वर्चुअल...
खामोश रहे भाजपा के बिंदास शत्रु
(-मुकेश महान).....
भाजपा के ‘शत्रु’ मतलब शत्रुघ्न सिन्हा कहां रहे पूरे चुनाव भर. नेताओं का राजनीतिक उत्सव चुनाव वो भी गृह प्रदेश में और ऊपर...
तेजस्वी कर रहे हैं जनादेश का अपमान
प्रमोद दत्त.
पटना.महागठबंधन से रिश्ता तोड़कर भाजपा के साथ सरकार बनाने पर नीतीश कुमार पर जनादेश का आरोप लगाने वाले प्रतिपक्ष के नेता तेजस्वी यादव...
फिर उसी दोराहे पर बिहार
प्रमोद दत्त.पटना.बिहार की राजनीति एक बार फिर उसी दोराहे पर खड़ी हो गई है.कभी नरेन्द्र मोदी के पीएम उम्मीदवार घोषित किए जाने पर नीतीश...
सोशल मीडिया की ताकत
(प्रमोद दत्त )...............
पटना वीमेंस कॉलेज की छात्राएं पहली बार कॉलेज प्रशासन के खिलाफ सड़क पर उतर आईं. अनुशासन के लिए प्रसिद्ध इस प्रतिष्ठित कॉलेज...
एक बार फिर बिहार में लालू बनाम नीतीश
प्रमोद दत्त.
समाजवादियों के टूटने-जुड़ने की एक और पटकथा बिहार में लिखी गई.17 वर्षों तक एनडीए में रहनेवाले नीतीश कुमार,लालू प्रसाद के साथ तीन वर्षों...
जातीय जनगणना:राजद के घोषित आंदोलन पर कई सवाल
प्रमोद दत्त.
पटना.बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग से संबंधित सर्वदलीय फैसला जिस प्रकार आगे चलकर जदयू का एजेंडा बनकर रह गया...
किसानों के आंसुओं की कीमत
डॉ नीतू नवगीत.
चंपारण के किसानों के आंसू पोछने के लिए सौ साल पहले मोहनदास करमचंद गांधी चंपारण आए थे । किसान तब बेहाल थे...
























