कई स्थानों पर युद्धस्तर पर बचाव कार्य
संवाददाता।भागलपुर। जिले में गंगा एवं सहायक नदियों के बढ़ते जलस्तर के बीच तटबंधों एवं बांधों की सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। संवेदनशील स्थलों पर कटाव एवं ब्रीच की सूचना मिलते ही प्रशासन और संबंधित विभागों की तकनीकी टीमें मौके पर पहुंचकर युद्धस्तर पर सुरक्षात्मक कार्य कर रही हैं।
गोपालपुर प्रखंड के ब्रह्मोत्तर बांध में रात्रि के समय हुए ब्रीच को सफलतापूर्वक नियंत्रित कर लिया गया है। ब्रीच को नियंत्रित करने के कार्य में जल संसाधन विभाग (WRD) की तकनीकी टीम के साथ स्थानीय ग्रामीणों ने भी महत्वपूर्ण सहयोग दिया। स्थानीय प्रशासन के साथ-साथ संबंधित तकनीकी टीमों ने आपसी समन्वय और तत्परता के साथ कार्य करते हुए स्थिति को नियंत्रित करने में सफलता प्राप्त की।
इधर, रंगरा प्रखंड अंतर्गत धोबनिया जमींदारी बांध में शुक्रवार सुबह करीब 4:30 बजे लगभग 20 फीट का कटाव हो गया। कटाव के कारण बांध से निकल रहा पानी PWD की 14 नंबर सड़क के किनारे फैलने लगा। पानी के फैलाव को नियंत्रित करने के लिए सड़क के किनारे डॉवल निर्माण का कार्य शुरू किया गया है।
कटाव स्थल पर बांध को और क्षतिग्रस्त होने से बचाने के लिए बांस पाइलिंग एवं एन.सी. कार्य की तैयारी की जा रही है। वहीं, बांध पर ओवरटॉपिंग के पानी को रोकने के लिए बालू से भरे बोरे लगाए जा रहे हैं। नदी की ओर से प्लास्टिक शीट की परत लगाकर उसके ऊपर बालू से भरे बोरे रखे जा रहे हैं, ताकि पानी के दबाव और कटाव को नियंत्रित किया जा सके।
धोबनिया जमींदारी बांध के कटाव स्थल पर कनीय अभियंता अविनाश कुमार एवं सहायक अभियंता मुरारी प्रसाद सिंह सहित संबंधित तकनीकी टीम मौजूद है और बचाव कार्य लगातार जारी है।
इसके अलावा रंगरा चौक क्षेत्र में धोबनिया बांध (कलबलिया नदी), रंगरा पंचायत तथा बुढ़िया बांध (सदोपुर रिंग बांध), बनिया बैसी पंचायत में भी ब्रीच की सूचना मिली है। इन स्थलों पर भी संबंधित विभागों की टीमें आवश्यक सुरक्षात्मक कार्रवाई में जुटी हैं।
प्रशासन की ओर से सभी संवेदनशील बांधों एवं तटबंधों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। अधिकारियों एवं अभियंताओं को आपसी समन्वय के साथ तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन का प्रयास है कि कटाव एवं ब्रीच की स्थिति को समय रहते नियंत्रित करते हुए आसपास के क्षेत्रों और प्रमुख सड़कों को सुरक्षित रखा जा सके।
स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग और विभागीय टीमों के समन्वित प्रयास से संवेदनशील स्थलों पर बचाव एवं नियंत्रण कार्य लगातार जारी है।
















