मुंगेर-भागलपुर में भी गंगा पर बनेगा मरीन ड्राइव,सीएम का स्थल निरीक्षण

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मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में प्रस्तावित मुंगेर (सफियाबाद)- बरियारपुर- घोरघट-सुल्तानगंज गंगा पथ एवं सुल्तानगंज-भागलपुर-सबौर गंगा पथ परियोजना की हुई समीक्षात्मक बैठक

संवाददाता।पटना। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में प्रस्तावित मुंगेर (सफियाबाद)- बरियारपुर- घोरघट-सुल्तानगंज गंगा पथ एवं सुल्तानगंज- भागलपुर-सबौर गंगा पथ परियोजना की समीक्षात्मक बैठक हुई।

मंगलवार को मुंगेर स्थित बबुआघाट पर आयोजित इस समीक्षात्मक बैठक में मुख्यमंत्री के समक्ष पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से मुंगेर भागलपुर गंगा पथ परियोजना के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। पथ निर्माण विभाग के सचिव ने अपने प्रस्तुतीकरण में परियोजना की व्यापक विशेषता, प्रस्तावित गंगा पथ एलाइनमेंट, जमीन अधिग्रहण की स्थिति, घाटों का पुनर्विकास, नए प्रस्तावित घाट आदि के संबंध में मुख्यमंत्री को अवगत कराया।

पंकज कुमार पाल ने बैठक में बताया कि सफियाबाद (मुंगेर) से सुल्तानगंज (भागलपुर) तक प्रस्तावित गंगा पथ परियोजना की कुल लंबाई 42 किलोमीटर है, जबकि सुल्तानगंज-भागलपुर-सबौर गंगा पथ परियोजना की कुल लंबाई 41.33 किलोमीटर है।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि प्रस्तावित मुंगेर भागलपुर गंगा पथ परियोजना के भू-अर्जन इत्यादि के काम में तेजी लाकर शीघ्र इस परियोजना का कार्य शुरू कराएं। मुंगेर शहरवासियों को किसी प्रकार की कठिनाई न हो, इसको ध्यान में रखते हुए प्रस्तावित गंगा पथ परियोजना के एलाइनमेंट का कार्य सुनिश्चित कराएं। मुंगेर से बरियारपुर के बीच स्थल चिन्हित कर ऐसी योजना बनाएं जहां नया शहर बसाया जा सके। औद्योगिक क्षेत्र के लिए भी जमीन चिन्हित करें।

उन्होंने निर्देश दिया कि मुंगेर एयरपोर्ट को भी विकसित करें। यहां ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित कराएं कि रात्रि में भी आसानी से लैंडिंग हो सके। प्रस्तावित मुंगेर भागलपुर गंगा पथ परियोजना को यथासंभव एटग्रेड बनायें ताकि शहर सुरक्षा बांध के रूप में भी काम करे। एलिवेटेड कम से कम रखें। इस प्रकार से एलाइनमेंट करें कि अधिक से अधिक पथों एवं पुलों की कनेक्टिविटी हो सके।

समीक्षा बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने प्रस्तावित मुंगेर भागलपुर गंगा पथ (मरीन ड्राइव) परियोजना का स्थल निरीक्षण किया। मुंगेर स्थित बबुआघाट पर स्थल निरीक्षण के क्रम में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कई आवश्यक निर्देश दिए। ज्ञातव्य है कि मुंगेर सुल्तानगंज गंगा पथ परियोजना गंगा नदी के समानांतर सफियाबाद (मुंगेर) से सुल्तानगंज (भागलपुर) तक एक 4 लेन एलिवेटेड एवं एट-ग्रेड कॉरिडोर के निर्माण से संबंधित है। परियोजना की कुल लंबाई 42.0 किमी है, जिसमें लगभग 30.12 किमी एट-ग्रेड तथा 11.88 किमी एलिवेटेड सम्मिलित हैं।

यह परियोजना हाइब्रिड एन्यूटी मॉडल के अंतर्गत विकसित की जा रही है, जिसकी कुल अनुबंध लागत 5327.00 करोड़ है। इस मॉडल में सरकार द्वारा 40 प्रतिशत एवं निजी डेवलपर द्वारा 60 प्रतिशत निवेश किया जाता है, जिससे परियोजना के वित्तीय जोखिम का संतुलित वितरण सुनिश्चित होता है। परियोजना की निर्माण अवधि 4 वर्ष निर्धारित है। यह कॉरिडोर गंगा नदी के किनारे उच्च गति एवं निर्बाध यातायात सुविधा प्रदान करने के उद्देश्य से विकसित किया जा रहा है, जिससे मुंगेर एवं भागलपुर के बीच क्षेत्रीय संपर्क में उल्लेखनीय सुधार होगा।

साथ ही, यह परियोजना मौजूदा मार्गों पर यातायात दबाव को कम करेगी तथा पर्यटन, धार्मिक स्थलों तक पहुँच एवं नदी तट विकास को बढ़ावा देगी। परियोजना में 4 लेन डिवाइडेड कैरिजवे का प्रावधान है, जिसकी कुल चौड़ाई 27.0 मीटर है, जिसमें दोनों दिशाओं में 7.0 मीटर चौड़ी मुख्य सड़क, 5.0 मीटर मध्य पट्टी, 2.5 मीटर पक्का कंधा तथा 1.5 मीटर कच्चा कंघा शामिल है। एट-ग्रेड खंडों के लिए राइट ऑफ वे 45 मीटर से 100 मीटर तक तथा एलिवेटेड खंडों के लिए 30 मीटर निर्धारित किया गया है। एलिवेटेड मार्ग को विशेष रूप से घनी आबादी वाले क्षेत्रों, घाटों, धार्मिक स्थलों एवं भीड़भाड़ वाले स्थानों पर प्रस्तावित किया गया है, जिससे भूमि अधिग्रहण में कमी आए तथा यातायात सुगमता बनी रहे। समग्र रूप से, यह परियोजना एक महत्वपूर्ण अवसंरचना पहल है, जो क्षेत्र में यातायात की गति, सुरक्षा एवं दक्षता में सुधार करेगी, यात्रा समय एवं लागत को कम करेगी तथा पर्यटन, आर्थिक विकास एवं गंगा नदी तट के समेकित विकास को प्रोत्साहित करेगी।

इसके साथ ही सुल्तानगंज- भागलपुर-सबौर गंगा पथ परियोजना गंगा नदी के समानांतर सुल्तानगंज से सबौर (भागलपुर) तक एक 4 लेन एलिवेटेड एवं एट-ग्रेड कॉरिडोर के निर्माण से संबंधित है। परियोजना की कुल लंबाई 41.33 किमी है, जिसमें लगभग 30.77 किमी एट-ग्रेड तथा 10. 56 किमी एलिवेटेड सम्मिलित हैं। इसके एलाइनमेंट में 34 घाट हैं, जिन्हें विकसित किया जायेगा।

यह परियोजना हाइब्रिड एन्यूटी मॉडल के अंतर्गत विकसित की जा रही है। इस मॉडल में सरकार द्वारा 40 प्रतिशत एवं निजी डेवलपर द्वारा 60 प्रतिशत निवेश किया जाता है, जिससे परियोजना के वित्तीय जोखिम का संतुलित वितरण सुनिश्चित होता है। परियोजना की निर्माण अवधि 4 वर्ष निर्धारित है। यात्रियों की सुविधा हेतु परियोजना में 5 टोल प्लाजा, बस बे, ट्रक ले-बाय, व्यू पॉइंट एवं अगुवानी घाट के निकट लगभग 2000 वर्ग मीटर का विश्राम क्षेत्र प्रस्तावित है। परियोजना के लिए लगभग 699.06 एकड़ भूमि की आवश्यकता है, जिसमें 43 मोजा/वार्ड एवं 2106 प्लॉट शामिल है। भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया प्रगति पर है।

मुंगेर पहुंचने पर मुख्यमंत्री ने बिहार योग विद्यालय के पादुका दर्शन आश्रम परिसर में स्वामी निरंजनानंद सरस्वती से मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने पादुका दर्शन आश्रम में भगवान तिरुपति बालाजी की उत्सव मूर्ति का दर्शन कर आरती में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने राज्य की सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना की। पादुका दर्शन आश्रम के प्रबंधकों द्वारा मुख्यमंत्री को अंगवस्त्र एवं पुष्प गुच्छ भेंटकर उनका स्वागत किया गया।

इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, विधायक कुमार प्रणय, विधायक नचिकेता, विधान पार्षद लाल मोहन गुप्ता, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल, मुख्यमंत्री के सचिव डॉ० चंद्रशेखर सिंह,सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी,जनप्रतिनिधि गण, गणमान्य व्यक्ति एवं वरीय अधिकारी उपस्थित थे।

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