समाचार सार:-बिहार के 44 माइनिंग ब्लॉक का सरकार द्वारा सर्वे कराया जाएगा और रिकॉर्ड 9 महीने के भीतर खनन ब्लॉक को शुरू करने की दिशा में कार्य होगा।
नवंबर तक 5 लाख करोड़ रूपये के निवेश लक्ष्य को हासिल करने का प्रयास किया जाएगा। खनिज संपदा का किसी भी स्तर पर दुरुपयोग नहीं होने दिया जाएगा।
संवाददाता।पटना। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कोयला एवं खान मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा आयोजित महत्वपूर्ण एवं सामरिक खनिज ब्लॉकों की नीलामी एवं एनएमईडीटी के कार्यशाला का शुभारंभ किया।
सोमवार को होटल मौर्या में इस अवसर पर अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि कोयला एवं खान मंत्रालय, भारत सरकार के आठवें चरण के खनिज ब्लॉकों की नीलामी के कार्यशाला में उपस्थित आप सभी लोगों का स्वागत करता हूँ। उन्होंने कहा कि बिहार में खनिज ब्लॉकों का अध्ययन कराया गया है। ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासतों का संरक्षण हम सभी की जिम्मेवारी है, उसको कोई नुकसान नहीं पहुँचाया जायेगा। प्रधानमंत्री आरदरणीय श्री नरेन्द्र मोदी जी के विकसित भारत तथा पूर्व मुख्यमंत्री आदरणीय श्री नीतीश कुमार जी के समृद्ध बिहार के सपने को पूरा करना है। वर्ष 2005 के बाद से पूर्व मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार जी के नेतृत्व में बिहार में कई विकास कार्य किये गये हैं। आधारभूत संरचनाओं का निर्माण कराया गया है। आधारभूत संरचनाओं में पत्थर सहित अन्य खनिज तत्वों की जरूरत पड़ती है।
उन्होंने कहा कि बिहार की जनता के हित में यहां के संसाधनों का सदुपयोग किया जायेगा। कई खनिज ब्लॉकों का टेंडर किया गया है और कई की प्रक्रिया चल रही है। हमारे पदाधिकारी इस काम में लगे हुये हैं, 9 महीने में हमलोग इस काम को पूर्ण करेंगे। 44 माइनिंग ब्लॉकों में से 28 माइनिंग ब्लॉकों में सर्वे का काम आगे बढ़ा है। 30 सितम्बर के पहले 30 से अधिक माइनिंग ब्लॉक आवंटित कर दिये जायेंगे। 15 अक्टूबर से बिहार में खनन कार्य शुरू करने की दिशा में पहल होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार का बजट आज 3 लाख 47 हजार करोड़ रूपये का हो गया है। बिहार में विकास के कई महत्वपूर्ण कार्य तेजी से किये जा रहे हैं। बिहार में संसाधन की कमी नहीं है। संसाधनों का भरपूर उपयोग करते हुये जनता के हित में इसे गति देनी है। रोहतास में लाइम स्टोन, औरंगाबाद में मिनिरल बेल्ट का बड़ा रिसोर्स है, जहानाबाद तथा जमुई में मैग्नेट, गया, बांका एवं भागलपुर में भी मिनिरल्स का बड़ा रिसोर्स है, इन सभी का सदुपयोग करना है। उन्होंने कहा कि खनिजों से प्राप्त होने वाली रॉयल्टी का उपयोग बिहार की जनता के हित और राज्य के विकास के लिए किया जाएगा। खनिज संपदा का किसी भी स्तर पर दुरुपयोग नहीं होने दिया जाएगा। राज्य में खनिज केंद्र स्थापित करने के साथ नवंबर तक 5 लाख करोड़ रूपये के निवेश लक्ष्य को हासिल करने का प्रयास किया जाएगा। केन्द्रीय कोयला एवं खान मंत्री, भारत सरकार जी० किशन रेड्डी जी से भी बात हुयी है। सतीश चंद्र दुबे बिहार के ही हैं वे भी काफी सक्रिय हैं और बिहार के हित के लिये काम कर रहे हैं, उन्हें भी बधाई देते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में उद्योगों की स्थापना के लिये निवेशकों को कई प्रकार की रियायतें दी जा रही है। हमारा सभी से आग्रह है कि आप खुले मन से बिहार में निवेश करें। बिहार को आगे बढ़ाने में मदद करें। आप पूरी तरह यहां सुरक्षित हैं और निर्भीक होकर अपने काम को आगे बढ़ायें। बिहार सरकार हर तरह से आपका सहयोग करेगी।
कार्यक्रम को कोयला एवं खान राज्य मंत्री, भारत सरकार सतीश चन्द्र दुबे तथा कोयला एवं खान मंत्रालय, भारत सरकार के संयुक्त सचिव कदम संदीप वी० ने भी संबोधित किया।
इस अवसर पर खान एवं भूतत्व मंत्री डॉ० प्रमोद कुमार, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, खान एवं भूतत्व विभाग के सचिव अवनीश कुमार सिंह, कोयला एवं खान मंत्रालय, भारत सरकार के निदेशक आशीष सक्सेना सहित अन्य वरीय अधिकारी एवं गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।














