संवाददाता।रक्सौल। नेपाल के सीमावर्ती क्षेत्रों से मानव तस्करी की एक नई घटना सामने आई जब तस्करों के चंगुल से नाबालिग लड़की का रेस्क्यू किया गया।
सशस्त्र सीमा बल की मानव तस्करी रोधी इकाई, प्रयास जुबेनाइल एड सेंटर तथा स्वच्छ रक्सौल की संयुक्त कार्रवाई में एक नेपाली मानव तस्कर के चंगुल से एक भारतीय नाबालिग लड़की को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया है।
संयुक्त टीम ने रक्सौल मैत्री ब्रिज के पास भारत से नेपाल जा रहे एक व्यक्ति को एक नाबालिग लड़की के साथ संदेह के आधार पर रोका। प्रारंभिक पूछताछ में मामला संदिग्ध पाया गया तथा प्रथम दृष्टया यह मानव तस्करी से जुड़ा लगा।
इनसे अलग अलग पूछताछ की गई तो पता चला कि पीड़िता बदला हुआ नाम रानी कुमारी (13 वर्ष) वैशाली की रहने वाली है।जबकि आरोपी मानव तस्कर नेपाल के परसा का निवासी है।
जांच में यह बात सामने आई कि वह लड़की अपने परिवार के साथ हैदराबाद में रहती थी और वहीं पर वह उक्त तस्कर के संपर्क में आ गई। आरोपी ने उसे प्रेम जाल में फंसाया और नेपाल में जाकर शादी करने का झांसा दिया।
मानव तस्कर इसको कई दिनों से नेपाल ले जाने की फिराक में लगा था। यह अपने मंसूबे में 15 फ़रवरी को कामयाब हो पाया जब पीड़िता अपने गांव वैशाली आई हुई थी।इसका फायदा उठाकर तस्कर उसको बहला-फुसलाकर भगा लिया और काठमांडू (नेपाल) ले जा रहा था, जहां उसके मामा रहते हैं।
पीड़िता के परिजनों से संपर्क करने पर पुष्टि हुई कि वैशाली में इस मामले में 16 फ़रवरी को अपहरण/गुमशुदगी की प्राथमिकी दर्ज है।आरोपी एवं पीड़िता को आगे की कानूनी कार्रवाई हेतु हरैया थाना को सौंप दिया गया।
इस रेस्क्यू ऑपरेशन में ए एच टी यू प्रभारी निरीक्षक विकास कुमार, हवलदार अरविंद द्विवेदी, सिपाही नीतू कुमारी, लता पी., रेशमी कुमारी, राजन कुमारी, प्रयास जुबेनाइल एड सेंटर से आरती कुमारी, राज गुप्ता तथा स्वच्छ रक्सौल से रणजीत सिंह एवं साबरा खातून उपस्थित रहे।















