आयुष चिकित्सकों का दो दिवसीय प्रशिक्षण

55
0
SHARE
आयुष

मांसपेशीय एवं कंकाल संबंधी विकारों के मानकीकृत उपचार को लेकर दो दिवसीय प्रशिक्षण शुरू
संवाददाता।पटना। राज्य आयुष समिति, स्वास्थ्य विभाग, बिहार द्वारा राष्ट्रीय आयुष मिशन एवं आयुष मंत्रालय, भारत सरकार के सहयोग से मांसपेशीय एवं कंकाल संबंधी विकार (मस्कुलोस्केलेटल डिसऑर्डर) के मानकीकृत उपचार दिशा-निर्देशों पर दो दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन पटना में किया जा रहा है।

प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य राज्य के आयुष चिकित्सकों को मांसपेशीय एवं कंकाल संबंधी विकारों की पहचान, उपचार की निर्धारित पद्धति तथा नवीनतम उपचार दिशा-निर्देशों के संबंध में व्यावहारिक एवं तकनीकी जानकारी उपलब्ध कराना है।

प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन मंगलवार को वैभव चौधरी, कार्यपालक निदेशक, मो. शफीक, प्रशासी पदाधिकारी, डॉ. धनंजय शर्मा, राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी तथा धीरज कुमार, एचएमआईएस प्रबंधक, राज्य आयुष समिति, बिहार द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर प्रशिक्षण से जुड़े चिकित्सक एवं अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे।

प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन राज्य के आयुर्वेद, यूनानी एवं होम्योपैथी चिकित्सकों के लिए तीन चरणों में किया जाएगा। प्रथम चरण में 08 सितंबर 2026 को आयुर्वेद चिकित्सकों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके बाद 10 सितंबर 2026 से यूनानी चिकित्सकों तथा 15 सितंबर 2026 से होम्योपैथी चिकित्सकों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। राज्य के सभी जिलों से एक-एक आयुष चिकित्सा पदाधिकारी को प्रशिक्षण दिया जाएगा, जो अपने-अपने जिले में मुख्य प्रशिक्षक के रूप में अन्य चिकित्सकों एवं संबंधित स्वास्थ्यकर्मियों को प्रशिक्षित करेंगे।

कार्यक्रम के दौरान चिकित्सकों को मांसपेशीय एवं कंकाल संबंधी विकारों के मानकीकृत उपचार दिशा-निर्देश (एसटीजी), मरीजों की समय पर पहचान, उचित उपचार पद्धति, उपचार के दौरान आवश्यक सावधानियों तथा निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुरूप उपचार उपलब्ध कराने के बारे में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण में चिकित्सकों को व्यावहारिक जानकारी भी दी जाएगी, जिससे वे अपने-अपने जिलों में मरीजों को अधिक प्रभावी एवं गुणवत्तापूर्ण आयुष चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध करा सकें।

राज्य आयुष समिति का प्रयास है कि आयुष चिकित्सा पद्धति से जुड़े चिकित्सकों की उपचार संबंधी क्षमता को और मजबूत किया जाए तथा मानकीकृत उपचार दिशा- निर्देशों को जमीनी स्तर तक प्रभावी रूप से लागू किया जा सके। इस प्रशिक्षण के माध्यम से जिलों में प्रशिक्षित मुख्य प्रशिक्षकों का नेटवर्क तैयार होगा, जिससे आने वाले समय में अधिक से अधिक आयुष चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों को मांसपेशीय एवं कंकाल संबंधी विकारों के बेहतर उपचार के लिए प्रशिक्षित किया जा सकेगा। इससे राज्य में आयुष चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता को और बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।

LEAVE A REPLY