चतरा जिले में अफ़ीम की खेती,प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती

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अफ़ीम

संवाददाता।चतरा। चतरा जिले के लावालौंग और कुंदा थाना क्षेत्र में एक बार फिर बड़े पैमाने पर पोस्ता (अफीम) की अवैध खेती का मामला सामने आया है।

हर वर्ष की तरह इस बार भी दूर-दराज के पहाड़ी और जंगल से घिरे इलाकों में पोस्ता की फसल लहलहा रही है। गुलाबी और सफेद फूलों से ढके खेत साफ संकेत दे रहे हैं कि अवैध खेती संगठित तरीके से की गई है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, कई जगहों पर पोस्ता से अफीम निकालने का काम शुरू भी हो चुका है, जबकि कुछ स्थानों पर इसकी तैयारी चल रही है।

जानकार बताते हैं कि खेतों में चीरा लगाकर दूधनुमा पदार्थ निकालने की प्रक्रिया शुरू होने की खबर है। इससे अंदेशा है कि तस्करी नेटवर्क भी सक्रिय हो चुका है। हालात ऐसे बताए जा रहे हैं कि कई इलाकों में इतनी अधिक मात्रा में पोस्ता की खेती हुई है कि पुलिस प्रशासन के लिए इसे पूरी तरह नष्ट करना चुनौती बन गया है। घने जंगल, दुर्गम पहाड़ियां और सुदूर गांव प्रशासनिक कार्रवाई में बाधा बन रहे हैं।

हालांकि जिला पुलिस अधीक्षक सुमित अग्रवाल के निर्देश पर पोस्ता उन्मूलन अभियान लगातार चलाया जा रहा है। पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम द्वारा कई एकड़ में लगी फसल को नष्ट किया गया है। इसके बावजूद अब भी बड़े पैमाने पर खेती की सूचना मिल रही है। यह न केवल कानून-व्यवस्था बल्कि युवाओं के भविष्य और सामाजिक ताने-बाने के लिए भी गंभीर चिंता का विषय है। जरूरत है कि प्रशासनिक सख्ती के साथ-साथ जागरूकता अभियान भी तेज किए जाएं, ताकि अवैध खेती पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके और क्षेत्र को नशामुक्त बनाया जा सके।

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