संवेदनशीलता के साथ काम करने की आवश्यकता-बाल अधिकार संरक्षण आयोग

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Child Rights

संवाददाता.पटना.बिहार बाल अधिकार संरक्षण आयोग की सदस्य सुनंदा पांडे, आयोग के सचिव इंद्रवीर कुमार के साथ आयोग के छः सदस्यीय टीम के साथ वैशाली जिला का भ्रमण किया गया एवं बाल अधिकार के प्रति सभी को संवदेनशीलता के साथ काम करने का निर्देश दिया गया।
मंगलवार को भ्रमण के क्रम में निजी विद्यालयों का भी दौरा किया गया। संत जोसेफ पब्लिक स्कूल एवं संत पाल स्कूल का निरीक्षण किया गया, जिसमें  विद्यालय में आरटीई के तहत नामांकित विद्यार्थियों के संबंध में समीक्षा की गई। संत जोसेफ स्कूल में शिक्षकों के साथ बैठक करते हुए आयोग की सदस्य ने कहा कि बच्चों के साथ संवेदनशीलता के साथ काम करने की आवश्यकता है।
सचिव के द्वारा शिक्षकों का संवेदीकरण करते हुए उन्होंने कहा कि बच्चों के अभिभावक की तरह कार्य करते हुए उनके कार्यकलापों पर सतत निगरानी रखने की आवश्यकता है। साथ ही आवश्यकता पड़ने पर उनकी ससमय काउंसलिंग की जाए ताकि समस्या बनने के पहले ही उसका निराकरण हो जाए।
महिला थाना में थाना प्रभारी एवं अन्य पुलिस पदाधिकारियों के साथ बैठक में माननीय सदस्या ने कहा कि किशोरों के मामले प्राप्त होने पर उसके साथ संवेदनशीलता के साथ कार्य किया जाना चाहिए। पेटी मामले में थाना स्तर से ही निपटारा किया जा सकता है। यदि हर मामले में f.i.r. ही किया जाएगा, तो हो सकता है कि जो किशोर अभी छोटे-मोटे अपराध के लिए थाना पर लाए गए हैं वे कल को बड़े अपराधी बन जाए। अतः किशोरों के मामले में पुलिस पदाधिकारियों को अत्यंत संवेदनशीलता के साथ कार्य करने की आवश्यकता है।
जिला अतिथि गृह में विभागीय पदाधिकारियों के साथ समीक्षा करते हुए सदस्य एवम सचिव के द्वारा कहा कि बाल संरक्षण के क्षेत्र में सभी विभागों को एक साथ मिलकर काम करने की आवश्यकता है।
यूनिसेफ के गार्गी साहा के द्वारा जिला के सभी पदाधिकारियों के संवेदीकरण के लिए एक प्रस्तुति भी दी गई। सभी जिला बाल संरक्षण इकाई के कार्य के संबंध में सहायक निदेशक के द्वारा बताया गया कि जिला में मात्र एक विशेषज्ञ दत्तक ग्रहण संस्थान है जिसमें अब तक 28 बच्चों को दत्तक ग्रहण में दिया गया है। जिले में दो बच्चों को फोस्टर केयर में दिया गया है। परवरिश योजना के संबंध में उन्होंने बताया जिले में कुल 904 लाभुक थे जिनमें से 575 लाभुकों को योजना का लाभ दिया जा रहा है। शेष 329 लाभुक 18 वर्ष की उम्र पार चुके हैं।
मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के संबंध में बताया गया की जिले में कुल 51444 आवेदन प्राप्त हुए थे जिनमें से 50030 आवेदनों का जिला स्तर से लॉक फॉर पेमेंट कर दिया गया है शेष 1414 लंबित आवेदनों का शीघ्र निष्पादन कर दिया जाएगा। स्पॉन्सरशिप योजना के अंतर्गत जिले में लाभुकों की संख्या 32 है।ट्रांसजेंडर कल्याण योजना के तहत जिले में 3 आवेदन प्राप्त हुए थे, जिनमें दो व्यक्तियों को उनके पहचान पत्र जिलाधिकारी स्तर से निर्गत करा दिया गया है। शेष एक लंबित आवेदन का निष्पादन शीघ्र कर दिया जाएगा।चाइल्ड लाइन के संबंध में जानकारी दी गई कि प्रतिमाह औसतन 25 मामले प्राप्त होते हैं जिनमें बच्चों को आवश्यकता अनुसार मदद दी जाती है। बाल कल्याण समिति के संबंध में बताया गया प्रतिमाह औसतन 45  मामले समिति के समक्ष आते हैं, जिनका ससमय निष्पादन कर दिया जाता है। वर्तमान में 55 मामले समिति के समक्ष लंबित है।
किशोर न्याय बोर्ड के संबंध में जानकारी दी गई कि 9 जनवरी 2023 को प्रधान मजिस्ट्रेट का स्थानांतरण हो जाने के फलस्वरूप सिर्फ विधिक कार्य का ही निष्पादन किया गया है जिस कारण लंबित मामले की संख्या 580 है।श्रम अधीक्षक के द्वारा बताया गया कि धावा दल द्वारा कुल 14 बच्चों को बाल श्रम से मुक्त कराया गया है तथा उन्हें देय लाभों के लिए आवंटन की मांग की गई है। इस संबंध में नियोक्ताओं के विरुद्ध एफ आई आर दर्ज करवा कर उनसे भी दंड स्वरूप ₹20000 जुर्माना वसूल करने के लिए नोटिस दिया गया है। मुक्त कराए गए सभी बच्चों का सीएलटीएस पर एंट्री कर दिया गया है तथा उनके पुनर्वसन का कार्य किया जा रहा है।
इस अवसर पर बिहार बाल अधिकार संरक्षण आयोग के  प्रशासी पदाधिकारी श्री प्रशांत, बाल संरक्षण पदाधिकारी कवि प्रिया, राजेश किशन, यूनिसेफ से बाल संरक्षण पदाधिकारी गार्गी साहा, सहायक निदेशक जिला बाल संरक्षण इकाई विनोद कुमार ठाकुर, श्रम अधीक्षक शशि कुमार सक्सेना, पुलिस उपाधीक्षक मुख्यालय देवेंद्र प्रसाद, असैनिक शल्य चिकित्सक सह मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी, जिला प्रोग्राम पदाधिकारी आईसीडीएस, किशोर न्याय परिषद की सदस्य पूनम कुमारी, बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष प्रीति शर्मा एवं जिला बाल संरक्षण इकाई वैशाली के सभी पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे।

 

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