जदयू की कमान भी संभालेगें नीतीश कुमार,शरद ने किया इंकार

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निशिकांत सिंह.पटना. जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद यादव ने चौथी बार पार्टी प्रमुख बनने से इनकार किया।वो  चौथी बार जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद की उम्मीदवारी नहीं करेंगे ।आगामी लोकसभा चुनाव में राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत पार्टी के रूप में उपस्थिति दर्ज कराने को लेकर नीतीश कुमार जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष हो सकते हैं। जदयू के राष्ट्रीय महासचिव सह  राज्यसभा सांसद केसी त्यागी ने कहा कि शरद यादव लगातार तीन टर्म से पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद पर हैं। वे चौथी बार राष्ट्रीय अध्यक्ष पद पर चुनाव लड़ने के लिए पार्टी संविधान में संशोधन नहीं करना चाहते हैं।  त्यागी ने कहा कि आगामी 10 अप्रैल को दिल्ली में पार्टी पदाधिकारियों की बैठक होगी ।बैठक में इस पर चर्चा होगी ।बताया जाता है कि इस बैठक में जदयू और अन्य राजनीतिक पार्टियों के विलय सहित उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियों पर भी चर्चा होगी ।राजनीतिक सूत्रों के अनुसार नीतीश कुमार जदयू के औपचारिक प्रमुख की जिम्मेवारी संभालेंगे। इसके पीछे मुख्य कारण  है कि आगामी लोकसभा चुनाव को लेकर जदयू के साथ राष्ट्रीय स्तर पर अन्य राजनीतिक दलों के विलय और पार्टी गतिविधियों को और अधिक सक्रिय करना है ।नीतीश कुमार का राष्ट्रीय अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभालने के बाद इन कार्यों में तेजी आएगी। जदयू के रणनीतिकार भी नितीश कुमार को पार्टी प्रमुख होने की सलाह दे रहे हैं। दूसरी ओर  शरद यादव का राजनीतिक गतिविधिया धीमी होने की वजह से राष्ट्रीय स्तर पर जदयू के राजनीतिक कार्यों में तेजी नहीं होने की चर्चा है  आपको बताते चले कि शरद यादव का पिछले 4 दशक से अधिक लंबा संसदीय जीवन रहा है ।शरद यादव 1991 से 1996 तक जनता दल के अंग रहे। इसके बाद में लालू प्रसाद की पार्टी राजद में रहे ।जार्ज फर्नांडीस और नीतीश कुमार ने बड़ वर्ष 1998 में जदयू का गठन किया है ।इसमें शरद यादव शामिल हो गए ।शरद यादव सबसे पहले 1974 में मध्यप्रदेश के जबलपुर लोकसभा सीट से चुनाव जीते। उस समय तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा लगाए गए आपातकाल के विरोध में देश में लोकनायक जयप्रकाश नारायण आंदोलन चरम पर था ।वर्ष 1977 में वह दोबारा चुनाव जीते ।बाद में बिहार के मधेपुरा से वर्ष 1996 से 2010 तक सांसद रहे वर्ष 2014 में हुए लोकसभा चुनाव हार गए

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