आत्मा और परमात्मा के बीच श्रीमद्भागवत दर्पण हितोपदेश

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Hitopadesh

संवाददाता.पटना.राजधानी पटना के कला मंच में आयोजित श्रीमद्भागवत दर्पण हितोपदेश कथा के चौथे दिन स्वामी विप्लव कौशिक ने कथा के माध्यम से आत्मा और परमात्मा के बीच का अंतर बताया।
जाती प्रसंग में सो जाती ने अपने छोटे पुत्र पूर्व अनूप ज्ञाती कहते हैं माता के समान बहन के समान पुत्री के समान नारियों के साथ भी बड़े से बड़े विद्वानों को भी एकांत में नहीं रहना चाहिए। चंद्र वंश का वर्णन हुआ।भगवान श्री कृष्ण ने चंद्रवंश में ही जन्म क्यों लिया।क्योंकि चंद्रमा भी 16 कलापूर्ण हैं और श्रीकृष्ण भी 16 कलापूर्ण हैं।16 कलाओं का वर्णन किया।श्री भू कीर्ति रिला सरस्वती कांति लीला विद्या विमला उत्कर्सीणी ज्ञाना क्रिया ।यह राम और कृष्ण की 16 कलाएं है।ययाति ने अपने छोटे पुत्र पू रु को उपदेश दिया था।माता बहन बेटी के समान दुलार युक्त नारियों के साथ में एकांत में अधिक समय नहीं देना चाहिए।

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