नीतीश कुमार ने कहा,शराब बुरी चीज,पियोगे तो मरोगे-इसे बताना जरूरी

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alcohol is a bad

संवाददाता.पटना.मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि शराब कितनी बुरी चीज है, पियोगे तो मरोगे, इसको लेकर ठीक ढ़ंग से प्रचार-प्रसार होना चाहिए। अवैध शराब पीने से लोगों की मौत हो जा रही है फिर भी लोग शराब क्यों पी रहे हैं? इसको लेकर लोगों को सचेत एवं जागरुक करना जरुरी है। उन्होंने कहा कि शराबबंदी को लेकर लोगों को जागरुक करने के लिए अभियान भी फिर से चलाया जायेगा।
‘जनता के दरबार में मुख्यमंत्री’ कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि मंगलवार को शराबबंदी को लेकर विस्तृत समीक्षा करेंगे। इस बैठक में सभी जिलों से विस्तृत जानकारी ली जायेगी। अब तक शराब से जुड़ी हुई जो भी घटनाएं हुई हैं उन सभी चीजों पर चर्चा की जायेगी। बिहार में शराबबंदी लागू किया गया है लेकिन अगर कहीं पर इसका उल्लंघन हो रहा है और स्थानीय स्तर पर इसमें किसी की कोई भूमिका है तो उस पर भी चर्चा की जायेगी। कल की बैठक में सभी मंत्री मौजूद रहेंगे, जबकि सभी जिलों के डीएम और एसपी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये बैठक में जुड़ेंगे। बैठक में शराबबंदी से जुड़ी एक-एक चीज पर चर्चा की जायेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शराबबंदी को लेकर हमने कई बार बैठक की है। वर्ष 2016 से लेकर अब तक शराबबंदी को लेकर की गई समीक्षा बैठक में लिये गये फैसले और उनके अनुपालन को लेकर की गई कार्रवाई पर भी कल की बैठक में चर्चा की जायेगी। कड़ाई से शराबबंदी लागू होने के बावजूद इस तरह की घटनायें क्यों सामने आ रही है, इसको लेकर भी चर्चा की जायेगी। पहले से चलाये जा रहे कैंपेन की भी समीक्षा की जायेगी। शराबबंदी को लेकर किसी प्रकार की लापरवाही को हम सहन नहीं कर सकते हैं। समाज में कुछ लोग गड़बड़ करने वाले होते हैं, उन पर नजर रखना बहुत जरुरी है। गड़बड़ी करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जरुरत होती है।
उन्होंने कहा कि हमलोग देखेंगे कि आखिर कौन लोग शराबबंदी कानून की अवहेलना के आरोप में पकड़े गये हैं। शराबबंदी से पहले शराब के धंधे से जुड़े लोग आजकल कौन काम कर रहे हैं इस पर भी नजर रखने की जरुरत है। शराबबंदी को और भी मजबूती से लागू करने को लेकर जो भी जरुरी कदम होंगे वो आगे भी उठाये जायेंगे। शराबबंदी को लेकर लोगों को फिर से जागरुक करने को लेकर अभियान चलाने से लेकर गड़बड़ी करने वालों पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई करने को लेकर भी चर्चा की जायेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कहीं कोई कमी नहीं है। अगर कोई ऐसा बोल रहा है तो यह गलत बात है। शराबबंदी सभी दलों की सहमति से लागू की गयी थी, कोई इसके विरोध में नहीं थे। जिसकी जो मर्जी वह बोलता रहे लेकिन यह वास्तविकता है कि शराबबंदी कानून में कहीं कोई कमी नहीं है। कुछ लोग हैं जो गड़बड़ी करते रहते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि 1 अप्रैल 2016 से शराबबंदी लागू करने के समय पहले यह तय किया गया था कि कॉरपोरेशन के माध्यम से विदेशी शराब की बिक्री जारी रखी जायेगी लेकिन लोगों ने इसका काफी विरोध किया। लोगों के भारी विरोध को देखते हुए 5 अप्रैल 2016 से बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू की गयी। उन्होंने कहा कि शराबबंदी को लेकर लोगों के द्वारा किये गये कंप्लेन और उस पर लिये गये एक्शन पर बैठक में चर्चा की जायेगी। कल की बैठक में एक-एक चीज पर चर्चा की जायेगी चाहे इस पर कितना समय लगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि चंपारण में बापू के आने के बाद कितनी तेजी से देश में आंदोलन बढ़ा और तीस साल के अंदर देश आजाद हो गया। बिहार के लोगों के बारे में गलतफहमी पैदा की जाती है। बिहार के अधिकतम लोग इन सब चीजों के मामले में बहुत अच्छे विचार के हैं। चंद लोग तो गड़बड़ होंगे ही, दुनिया में कोई कह ही नहीं सकता है कि हर आदमी ठीक हो जायेगा। ये संभव नहीं है। दुनिया में कहीं भी देख लीजिये हर आदमी ठीक नहीं हो सकता है।
बिहार में क्राइम बढ़ने के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में क्राइम की संख्या पहले की तुलना में घटी है। ऐसा कुछ नहीं है कि क्राइम बढ़ा है। कुछ घटना होती है तो उस पर एक्शन होता है। उन्होंने कहा कि हमलोगों के यहां प्रशासन और पुलिस इस मामले में सक्रिय है। जहां कहीं भी कुछ हो रहा है उस पर एक्शन हो रहा है। कुछ चीजों में इंसिडेंट अलग किस्म का हुआ है। एक जगह नक्सलियों का मामला आया है तो पूरे तौर पर जांच हो रही है। जब से हमलोग शराबबंदी लागू किये हैं तब से क्राइम में भी कमी आई है। पहले दारू पीकर गाड़ी चलाने से सड़क दुर्घटना के काफी मामले सामने आते थे। पुलिस को निर्देश है कि कहीं कोई इंसिडेंट होता है तो जो नियम है, जो कानून है उसके अनुसार जांच कीजिये और जो आपकी जिम्मेवारी है उसके मुताबिक उस पर उचित कार्रवाई करिये।
फिल्म अभिनेत्री कंगना रनौत के आजादी वाले बयान पर पूछे गये सवालों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इसका कोई मतलब नहीं है। हमें आश्चर्य लगता है कि ऐसे लोगों की बात को पब्लिश कैसे किया जाता है। इन सब चीजों का क्या महत्व है। व्यक्ति के बारे में आप कह ही नहीं सकते हैं कि कौन क्या बोलेगा। ऐसे चीजों पर कोई ध्यान भी देता है क्या ? राहुल गांधी के हिंदुत्व वाले बयान पर पूछे गये सवाल का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ये उन्हीं से पूछिये पूरा बतायेंगे। इन सब चीजों पर क्या चर्चा करना है। कुछ लोग कुछ बोलकर चर्चा में बने रहना चाहते हैं।

 

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