निजी अस्पताल एवं नर्सिंग होम का संचालन सुचारू रूप से हो-मुख्यमंत्री

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संवाददाता.पटना. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि सामान्य मरीजों के इलाज के लिये स्वास्थ्य सुविधा और बेहतर की जाय।सभी निजी अस्पताल एवं निजी क्लिनिक/नर्सिंग होम का संचालन सुचारू रूप से हो ताकि सामान्य मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कोविड-19 की रोकथाम को लेकर किये जा रहे कार्यों तथा एईएस एवं जेई से बचाव को लेकर हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में यह निर्देश दिया।

समीक्षा के क्रम में मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को निर्देश दिया कि बड़ी संख्या में आ रहे प्रवासी मजदूरों को देखते हुये पंचायत एवं ग्राम स्तरीय क्वारंटाइन केन्द्रों की व्यवस्था सुदृढ़ करें। क्वारंटाइन केन्द्रों को सभी मुलभूत सुविधाओं के साथ तैयार रखें ताकि आने वाले लोगों को क्वारंटाइन कराने में कठिनाई न हो। इस व्यवस्था के अनुश्रवण के लिये वहां के शिक्षक/किसान सलाहकार/चैकीदार/पंच/वार्ड सदस्यों का सहयोग लें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शहरी क्षेत्रों विशेषकर बाजारों एवं भीड़भाड़ वाले स्थानों पर तथा ग्रामीण क्षेत्रों के सभी हाट बाजारों में नियमित साफ-सफाई एवं सैनिटाइजेशन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाय। नियमित सैनिटाइजेशन से कोरोना संक्रमण से बचाव में सहुलियत होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि एईएस  एवं जेई  को लेकर पूरी सतर्कता बरती जाय। उन्होंने कहा कि ए0ई0एस0 से बचाव को लेकर निरंतर जागरूकता अभियान चलाते रहें। जे0ई0 से बचाव के संबंध में मुख्यमंत्री ने कहा कि जे0ई0 के टीकाकरण अभियान में तेजी लायी जाय ताकि सभी बच्चे आच्छादित हो सकें। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष ए0ई0एस0 प्रभावित मुजफ्फरपुर के पांच प्रखण्डों में सोशियो-इकोनामिक सर्वे के आधार पर जो कार्य किये गये थे, उसे ए0ई0एस0 प्रभावित सभी प्रखण्डों में क्रियान्वित किया जाना चाहिये, इस पर विचार कर समुचित कार्रवाई की जाय।

मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की कि बाहर से आने वाले लोगों को छिपकर, पैदल या मालवाहक वाहनों से आने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि लोग सड़क, रेल ट्रैक और ट्रकों के जरिये आवाजाही न करें। ऐसे लोगों को स्थानीय थाने, प्रखण्ड की मदद से उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिये संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया गया है।

मुख्यमंत्री ने समीक्षा के क्रम में निर्देश दिया कि मानसून का समय निकट आ रहा है, इसे ध्यान में रखते हुये बाढ़ सुरक्षात्मक कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर ससमय पूर्ण कराया जाय। उन्होंने कहा कि इसका सघन अनुश्रवण सुनिश्चित किया जाय।  मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि स्कूल-कालेजों के बंद होने से छात्र-छात्राओं की पढ़ाई बाधित न हो, इसके लिये शिक्षा विभाग द्वारा चलाये जा रहे ऑनलाइन क्लासेज का सघन अनुश्रवण सुनिश्चित किया जाय। उन्होंने कहा कि इस संबंध में फीडबैक प्राप्त कर छात्र-छात्राओं के हित में निर्णय लें।

 

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