वाहे गुरू जहां चाहेंगें,सेवा के लिए जाऐंगें-पद्मश्री बाबा सेवा सिंहजी

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प्रमोद दत्त.पटना.गुरूगोविन्द सिंह की जयंती पर आयोजित 350वें प्रकाशोत्सव पूरा पटना सिख श्रद्धालुओं से पट गया है.आम और खास में कोई फर्क नहीं.जो खास हैं वे भी आम बनकर सेवा में जुटे हैं.ऐसे ही एक खास संत से मिलने का मौका मिला.खडूर साहिब के बाबा सेवा सिंह जी से मुलाकात हुई.नाम के अनुरूप अपनी जिंदगी को मानव सेवा के लिए समर्पित कर चुके हैं.पर्यावरण,लंगर,कारसेवा,स्कूल-कॉलेज जैसे कई क्षेत्रों में “कार सेवा खडूर साहिब” के माध्यम से वर्षों से सेवा में जुटे हैं.इनकी नि:स्वार्थ सेवा भावना को देखते हुए पर्यावरण क्षेत्र में विशिष्ट योगदान के लिए इन्हें “पद्मश्री” जैसे राष्ट्रीय सम्मान से नवाजा जा चुका है.

गांधी मैदान में प्रकाशोत्सव पर आयोजित समारोह में बड़े पैमाने पर लंगर का आयोजन इन्हीं के द्वारा किया जा रहा है.लंगर के लिए लगे विशाल टेंट के एक छोटे से हिस्से में बना है इनका आवास.बिना तामझाम के असाधारण सा दिखनेवाला व्यक्तित्व.सफेद वस्त्र-सफेद दाढी और चेहरे पर गजब की चमक.कंबल का बिस्तर और कंबल को ही रॉल किया तकिया.संत बाबा सेवा सिंह जी से मिलनेवालों और आशीर्वाद लेने वालों का तांता और सभी लोगों को बाबा से मिलवाते उनके शिष्यों की अनुशासित टीम.उसी टीम ने मुझे भी बाबा से मिलवाया और कंबल के बिस्तर पर बैठे-बैठे उनसे संक्षिप्त बातचीत हुई.

आदर्शन-पहली बार पटना साहिब आए हैं या पहले भी आ चुके हैं.

-दूसरी बार पटना साहिब आए हैं.इसके पहले एक बार आ चुके हैं.

आदर्शन-प्रकाशोत्सव पर कैसी व्यवस्था की गई है.

-बहुत अच्छी व्यवस्था की गई है.बड़े पैमाने पर पहुंच रहे श्रद्धालुओं के लिए बहुत अच्छी व्यवस्था की गई है.

आदर्शन-विभिन्न क्षेत्रों में आप समाज सेवा से जुड़े हैं.सबसे अधिक संतुष्टी किस क्षेत्र में काम करने से होती है.

-सभी काम समाज सेवा से ही जुड़ा है.सभी काम समाज कल्याण के लिए किए जा रहे हैं.इसलिए हर काम में संतुष्टी मिलती है मुझे.

आदर्शन- अभी किन इलाके में अधिक काम हो रहे हैं.

-पंजाब और मध्य प्रदेश में ही केन्द्रित है संगत का काम.

आदर्शन- क्या बिहार में गुरू भूमि पर समाज कल्याण के काम करना चाहेंगें.

-वाहे गुरू जहां चाहेंगें सेवा के लिए पहुंच जाऐंगे.यहां की संगत मांग करेगी तो यहां के अनुकूल स्थान पर करेंगें काम.

 

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